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60 साल से रोडवेज डिपो बनने का इंतजार कर रहे हैं अस्कोटवासी

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मनोहर जेठी, रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद पूर्व प्रांतीय प्रतिनिधि। - फोटो : PITHORAGARH
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अस्कोट (पिथौरागढ़)। पाल राजवंश की राजधानी रहे सीमांत क्षेत्र अस्कोट में 1960 के दशक में उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने रोडवेज डिपो खोलने की योजना बनाई थी जो कि छह दशक बाद भी धरातल पर नहीं उतर पाई है।
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रोडवेज डिपो के लिए तब बाजार के पास 11 नाली छह मुट्ठी भूमि खरीदी गई थी। लोगों को उम्मीद थी कि रोडवेज डिपो के निर्माण से क्षेत्र को एक अलग पहचान मिलेगी और क्षेत्र के विकास का मार्ग भी प्रशस्त होगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
तब से क्षेत्रवासी कई बार सरकार और जनप्रतिनिधियों के सामने रोडवेज डिपो/वर्कशॉप निर्माण की मांग उठाते आ रहे हैं, लेकिन 60 साल बाद भी मामला ठंडे बस्ते में पड़ा है।
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आज भी रोडवेज की यह भूमि बसों के इंतजार में वीरान है। पिथौरागढ़ डिपो के एआरएम आरके आर्या का कहना है कि डिपो के लिए देहरादून मुख्यालय से आदेश का इंतजार है। वहां से जो भी आदेश मिलेंगे, उसका पालन किया जाएगा।
रोडवेज को अपनी जमीन का सदुपयोग करना चाहिए। पहले डिपो की कवायद शुरू की गई और बाद में इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। जनप्रतिनिधियों को सरकार के सामने मामला रखना चाहिए।
-मनोहर सिंह जेठी, पूर्व प्रांतीय प्रतिनिधि रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद
परिवहन निगम को अपनी भूमि का सीमांकन करना चाहिए। डिपो बनने होने पर 15 हजार की आबादी को बस सेवा का लाभ मिलेगा। पिथौरागढ़ और अन्य स्थानों पर जाने के लिए लोगों को टैक्सी वाहन से जाना पड़ता है।
-टिकेंद्र पाल, व्यापार संघ अध्यक्ष
रोडवेज डिपो के निर्माण को सरकार को पत्र भेजा जाएगा। शासन-प्रशासन से इस पर बात की जाएगी। डिपो या वर्कशॉप निर्माण से क्षेत्र को एक अलग पहचान मिलेगी। लोगों को सुचारु बस सेवा का लाभ मिलेगा।
-विनीता पाल, जिला पंचायत सदस्य
विधानसभा क्षेत्र में 15 साल से भाजपा के विधायक जीतते रहे हैं। उन्होंने रोडवेज डिपो निर्माण के लिए कोई भी कवायद नहीं की। इससे क्षेत्र का विकास नहीं हो पाया है।
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-प्रदीप पाल, वरिष्ठ कांग्रेसी
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