पिथौरागढ़। मूनाकोट ब्लॉक के सात गांवों की दस हजार से अधिक की आबादी सड़क न होने से परेशान है। उन्हें मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए आठ किमी की पैदल यात्रा करनी पड़ती है। सबसे अधिक परेशानी शवदाह के लिए जाते समय होती है। लोगों को खड़ी चढ़ाई पार कर तालेश्वर पहुंचना पड़ता है।
कलहल्दा, सिमलखेत, मेगइंडिया, मय्याखोला, खोला कटियानी, खर्कतड़ी, बांस आदि क्षेत्रों की दस हजार की आबादी सड़क निर्माण की राह देख रही है। उनका कहना है कि सड़क न होने से बीमार लोगों को डोली के सहारा ले जाना पड़ता है। मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए गांव के लोगों को पांच से आठ किमी की पैदल यात्रा करनी पड़ती है। क्षेत्र के लोग देवपुरी बांस से तालेश्वर तक सड़क निर्माण की मांग लगातार करते आ रहे हैं। ब्लॉक, प्रशासन, शासन स्तर पर भी सड़क निर्माण की मांग कर चुके हैं।
सड़क बनने पर लाभान्वित होने वाले गांव
देवपुरी बांस से तालेश्वर तक सड़क बनने पर देवपुरी बांस, सिमलखेत, खोला कटियानी, तालेश्वर, मेगंडिया, कलहल्धा, चौपाता, बारमौ, बथुली, फिरौ, अमकोट आदि क्षेत्र की आबादी को लाभ मिलेगा।
क्षेत्र के लोग दशकों से पैदल चलने के लिए मजबूर हैं। शवदाह के लिए बांस, सिमलखेत, खोला कटियानी आदि क्षेत्र के लोगों को पैदल चलना पड़ता है। शासन-प्रशासन के सामने सड़क निर्माण का मामला रख चुके हैं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। -खीमराज जोशी, दोबांस, क्षेत्र पंचायत सदस्य।
सड़क न होने से दस हजार से अधिक की आबादी परेशान है। आठ किमी सड़क बनती है तो शवदाह के लिए दिक्कत नहीं होगी। इसके साथ ही मूनाकोट और कनालीछीना ब्लॉकों की आबादी को लाभ मिलेगा। -दीपक सिंह बिष्ट, स्थानीय निवासी।
सड़क बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। अभी स्वीकृति नहीं मिली है। -रोहित जोशी, जेई लोनिवि।