गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। तहसील मुख्यालय से छह किमी की दूरी पर स्थित चमलेख, बेलगाड़ा, धुणा, गंतोला, कोल्या गांव की दो हजार से अधिक की आबादी आजादी के 74 साल बाद भी सड़क सुविधा सुविधा से वंचित है। राज्य बनने के दो दशक बाद भी किसी सरकार ने ग्रामीणों की समस्या का समाधान नहीं किया।
दो-तीन बार सर्वे के बावजूद सड़क नहीं बन सकी है। चमलेख गांव में प्राथमिक विद्यालय तक नहीं है। यहां के बच्चे तीन किमी दूर गानुरा के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने जाते हैं। जूनियर में पढ़ने के लिए बच्चों को पांच किमी दूर चोढ़ियार आना पड़ता है।
हाईस्कूल, इंटर के लिए 12 किमी आना-जाना पड़ता है। स्कूल दूर होने के कारण कई अभिभावक अपनी बालिकाओं को आगे की शिक्षा के लिए विद्यालय भेजने से कतराते हैं। ऐसे में बच्चों को प्राथमिक शिक्षा दिलाने तक को गांव से छह किमी दूर गंगोलीहाट में किराए पर रहना पड़ रहा है।
तीन स्कूली बच्चे गंवा चुके हैं जान
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। चमलेख से मड़कनाली रोड तक पहुंचने के लिए छह किमी की खड़ी चढ़ाई पार करनी पड़ती है। संकरे रास्ते से आवाजाही करते समय तीन बच्चे कुछ साल पहले अपनी जान गंवा चुके हैं।
रास्ते पर जाते समय उन पर पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण छात्रों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। गांव से गंगोलीहाट आने के लिए भी एक खतरनाक रास्ते से गुजरना पड़ता है। घास काटते समय गिरने से कई महिलाएं जान गंवा चुकीं हैं।
हमारा गांव भी सड़क से जुड़ना चाहिए। गांव से गंगोलीहाट आने में खड़ी चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। स्कूली बच्चों को रोजाना 14 किमी दूरी तय करनी पड़ती है। इसलिए बच्चों के घर पहुंचने तक अभिभावकों को चिंता लगी रहती है।
-गोपाल सिंह, चमलेख, प्रधान
गांव में सड़क न होने से सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को होती है। डोली के सहारे अस्पताल तक पहुंचाना पड़ता है। गांव के अधिकतर युवा काम की तलाश में बाहर रहते हैं। इस कारण भी कई बार दिक्कतें आतीं हैं।
-भावना देवी, धुणा, प्रधान
कई बार शासन प्रशासन को पत्र लिखने के बाद भी समाधान नहीं हुआ। गांव के बच्चों को शिक्षा को 12 किमी की दूरी तय कर आवाजाही करनी पड़ती है। सड़क बनाने की कार्यवाही शीघ्र शुरू होनी चाहिए।
-केसर सिंह, सेवानिवृत्त, सूबेदार
मड़कनाली से सुरखाल पाठक तक पांच किमी लंबी सड़क स्वीकृत है। इसकी घोषणा सीएम ने की थी। आजकल वन भूमि हस्तांतरण के लिए कार्यवाही की जा रही है। भूमि हस्तांतरण होने के बाद निर्माण शुरू किया जाएगा।
-अनिल कनौजिया, सहायक अभियंता, लोनिवि, गंगोलीहाट।