जल संस्थान डीडीहाट ने अपने कार्यक्षेत्र में जिन 86 हैंडपंप स्थापित किए थे, उनमें से 13 हैंडपंप लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण सूख गए हैं। जल संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि भूमिगत पानी का स्तर लगातार कम होने से यह समस्या पैदा हो रही है। जल संस्थान ने नगर क्षेत्र में 12 हैंडपंप लगाए हैं। इनमें से एक हैंडपंप सूखने के कारण उसकी जगह नया हैंडपंप लगाया गया है।
कुछ हैंडपंपों से लाल और गंदा पानी आने की शिकायत भी लोग कर रहे हैं। इस बारे में जल संस्थान के अधिशासी अभियंता बिलाल यूनुस का कहना है कि लोग आमतौर पर हैंडपंपों का उपयोग गर्मी के सीजन में तीन महीने के लिए करते हैं। शेष नौ महीने तक हैंडपंप बंद रहते हैं। बंद हैंडपंपों की पाइप में जंक लगने के कारण शुरुआत में लाल और गंदा पानी आने की शिकायत रहती है, यदि लोग लगातार इनका उपयोग करें तो पानी धीरे-धीरे साफ होने लगता है। इधर, नलों में पानी नहीं आने के कारण लोग अब हैंडपंपों की शरण में हैं। डीडीहाट में पेयजल का संकट लगातार गहरा रहा है। नलों में आने वाले पानी की मात्रा लगातार कम होती जा रही है।
हैंडपंपों का पानी पीने योग्य
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता बिलाल यूनुस का कहना है कि छह हैंडपंपों में पानी फिल्टरेशन की व्यवस्था की गई है। सभी हैंडपंपों के पानी की टेस्टिंग की गई है। लोग एक बार उबालकर इस पानी को पीने के उपयोग में ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब किसी हैंडपंप से गंदा पानी आए तो उसका उपयोग न किया जाए।
लिफ्ट योजना पूरी होने में लगेगा समय
डीडीहाट के लिए थल रामगंगा से बन रही लिफ्ट पंपिंग पेयजल योजना का काम धन की कमी के कारण अटका हुआ है। पहले इस योजना को दिसंबर 2016 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। अब इसमें देरी होने की संभावना है, यदि लिफ्ट पेयजल योजना बन जाए तो डीडीहाट में अगले 20 साल तक पेयजल का संकट समाप्त हो जाएगा।