इस वित्तीय वर्ष में किसी को भी पीएम आवास योजना के जरिये छत नहीं मिल पाई है। हालांकि आवास चाहने वाले दावेदारों की लंबी फेहरिस्त है। ग्राम्य विकास विभाग ने 11 माह गुजरने के बाद भी किसी आवेदन को हरी झंडी नहीं दी है।
देश भर में जोरशोर से चल रही पीएम आवास योजना पिथौरागढ़ जिले में इस बार परवान नहीं चढ़ सकी। इसे अधिकारियों की काहिली कहें या फिर वास्तविक पात्रों का न मिल पाना, वित्तीय वर्ष गुजरने को है, लेकिन विभाग के खाते में एक भी लाभार्थी नहीं है। अधिकारी साल भर में जिले भर में एक ही आवेदक को योजना का लाभ नहीं दिला पाए। इससे योजना के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पिछले साल इस योजना के तहत 248 को मकान मिले थे।
आवेदकों की स्क्रीनिंग का काम चल रहा है। जल्द ही पात्रों को योजना का लाभ मिल जाएगा।
-डीडी पंत, पीडी डीआरडीए, पिथौरागढ़
पीएम आवास योजना के 396 आवेदन खारिज
पिथौरागढ़। ग्राम्य विकास विभाग ने पीएम आवास योजना के 396 आवेदन खारिज कर दिए हैं। इससे घर का सपना देख रहे आवेदक परिवारों में मायूसी छा गई है। जिले में पीएम आवास योजना के तहत लाभार्थियों के चयन का काम किया जा रहा है। इसके तहत ग्राम्य विकास विभाग ने विकास खंडों से प्रस्ताव मांगा है। जिले के विण, मूनाकोट, कनालीछीना, डीडीहाट, धारचूला, मुनस्यारी, बेड़ीनाग, गंगोलीहाट विकास खंडों से सैकड़ों लोगों ने योजना के लिए आवेदन किए थे। इसके बाद पटवारियों के माध्यम से आवेदकों की जांच कराई गई। जांच के बाद विभिन्न आधारों पर 396 आवेदन खारिज कर दिए हैं। इससे आवेदकों को झटका लगा है। हालांकि उनके पास आपत्ति के खिलाफ पीडी डीआरडीए के समक्ष अपील करने का मौका है। इधर, सोमवार को डीआरडीए के पीडी ने खारिज किए गए कुछ आवेदकों का पक्ष सुना। उन्होंने बताया कि आपत्ति करने वाले आवेदकों के प्रकरणों का एक बार फिर सत्यापन कराया जाएगा।
आवास योजना में गड़बड़ी का आरोप
पिथौरागढ़। धारचूला विकास खंड के जुम्मा गांव वालों ने पीएम आवास योजना में गड़बड़ी की शिकायत की है। ग्रामीणों का कहना है कि आवास आवंटन में अनियमितता बरती जा रही है। सूची में अपात्रों के नाम हैं, वास्तविक लोग दर-दर भटक रहे हैं। मंगलवार को ग्रामीणों ने मुख्य विकास अधिकारी से जांच की मांग की है। इस दौरान नरसिंह, धन सिंह, मदन सिंह, गुमान सिंह आदि मौजूद थे। सीडीओ वंदना सिंह का कहना है कि शिकायती पत्र की जांच कराई जाएगी।