पिथौरागढ़। जिले में सीबीएसई के तहत संचालित उत्कृष्ट विद्यालयों में गणित और विज्ञान पढ़ाने के लिए प्रवक्ताओं की तैनाती नहीं हो सकी है। अंदाजा लगाया जा सकता है इन विद्यालयों में इन महत्वपूर्ण विषयों के 14 प्रवक्ता नहीं हैं।
जिले में 16 अटल उत्कृष्ट विद्यालय संचालित हैं। यहां गणित, भौतिक, रसायन और जीव विज्ञान विषयों के 16-16 प्रवक्ताओं के पद स्वीकृत हैं। 64 पदों के सापेक्ष इन विषयों के 16 प्रवक्ताओं के पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। जीआईसी बरम, गंगोलीहाट और नाचनी में गणित पढ़ाने के लिए प्रवक्ता नहीं हैं। वहीं जीआईसी गोरंगचौड़, डीडीहाट, मुनस्यारी, बेड़ीनाग और गंगोलीहाट में रसायन विज्ञान के प्रवक्ताओं के पद रिक्त हैं।
जीआईसी डीडीहाट, जौरासी, बलुवाकोट, मुनस्यारी और गणाई गंगोली में जीव विज्ञान का ज्ञान देने वाला कोई नहीं है। जीआईसी झूलाघाट, बलुवाकोट, बरम, नाचनी और गणाई गंगोली में गणित के प्रवक्ता का पद रिक्त है। इन महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक न होने से 800 से अधिक विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। लंबे समय से मांग के बाद भी प्रवक्ताओं की तैनाती नहीं हो रही है इससे अभिभावक भी अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
गणित और विज्ञान विषयों में असफल रहे 75 फीसदी विद्यार्थी
उत्कृष्ट विद्यालयों के 649 विद्यार्थियों ने इंटर की बोर्ड परीक्षा दी। 452 विद्यार्थियों को ही सफलता मिल सकी जबकि 140 विद्यार्थी असफल रहे। चिंता की बात है कि इनमें से 75 फीसदी यानि 105 विद्यार्थी विज्ञान और गणित विषय में फेल हुए हैं। यदि विद्यालयों में गणित और विज्ञान के प्रवक्ताओं की तैनाती होती तो शायद विद्यार्थी सफल होते और उत्कृष्ट विद्यालयों का परीक्षाफल भी बेहतर होता।
कोट
अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में प्रवक्ताओं की नियुक्ति शासन स्तर पर ही संभव है। रिक्त पदों की सूचना दी गई है। कई जगह अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति हुई है। - तरुण कुमार पंत, सीईओ, जिला शिक्षा अधिकारी, पिथौरागढ़