नौ सूत्री मांगों को उक्रांद नेताओं ने एक दिनी धरना दिया। इस दौरान उन्होंने सरकार पर पर्वतीय क्षेत्र में भूमाफिया को स्थापित करने का आरोप लगाया।
उक्रांद कार्यकर्ता सोमवार को जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर पुनेड़ा के नेतृत्व में गांधी चौक पहुंचे और धरना दिया। वक्ताओं का कहना था कि सरकार चिकित्सा सुविधाओं में बिलकुल ध्यान नहीं दे रही है। अस्पतालों में मूलभूत सुविधाओं के अभाव में मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कहा कि अंधाधुंध कर लगाकर सरकार जनता को जमीनें बेचने पर मजबूर कर रही है। उन्होंने अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाएं दुरुस्त करने, विकास प्राधिकरण को वापस लेने, हर घर से एक व्यक्ति को रोजगार देने, गैरसैंण स्थायी राजधानी घोषित करने, सरकारी विद्यालयों से उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को नौकरियों में प्राथमिकता देने, ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षित बेरोजगारों को लेकर पर्यावरण सेना का गठन, बिजली, पानी, रसोई गैस मुफ्त करने, बसों का किराया कम करने, नशा नहीं रोजगार देने की मांगें उठाई।
धरना देने वालों में द्वाराहाट के पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी, एडवोकेट निर्मल चौधरी, पुष्कर सिंह धामी, जगत मेहता, मदन पोखरिया, प्रेम सिंह बोरा, बीडी कोहली, चंद्रप्रकाश कोहली, गंगा धामी, राधिका शर्मा, राम सिंह ऐरी आदि मौजूद रहे।