एनएचपीसी के महाप्रबंधक दिनेश त्रिपाठी
- फोटो : अमर उजाला
एनएचपीसी ने धारचूला क्षेत्र में पांच बड़ी विद्युत परियोजनाओं के निर्माण का फैसला लिया है। इन परियोजनाओं के सर्वे के लिए बाकायदा महाप्रबंधक की नियुक्ति कर दी गई है। महाप्रबंधक के तौर पर नियुक्त दिनेश त्रिपाठी ने फिलहाल प्रस्तावित गोरीगंगा फेज 3 और धौलीगंगा मिडिल योजना के सर्वे का काम शुरू कर दिया है। अन्य परियोजनाओं के सर्वे का काम भी जल्द शुरू हो जाएगा।
एनएचपीसी के जनसंपर्क अधिकारी बीसी जोशी ने बताया कि महाप्रबंधक दिनेश त्रिपाठी की देखरेख में 210 मेगावाट की धौलीगंगा मिडिल, 240 मेगावाट की चुंगरचल, 630 मेगावाट की गर्वा, 150 मेगावाट की गोरीगंगा फेज 3 और 55 मेगावाट की करमोली लुम्ती परियोजनाओं के सर्वे का काम होगा। उन्होंने बताया कि दो परियोजनाओं का सर्वे शुरू हो गया है। पांचों परियोजनाओं का निर्माण होने पर कुल 1285 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। एनएचपीसी की धारचूला क्षेत्र में इस समय धौलीगंगा परियोजना से 280 मेगावाट का उत्पादन हो रहा है। अब एनएचपीसी कई अन्य परियोजनाओं पर एक साथ काम करने की तैयारी में है। बताया गया कि सर्वे का काम पूरा होने के बाद प्रस्तावित परियोजनाओं की डीपीआर तैयार की जाएगी और एनएचपीसी के कारपोरेट स्तर से केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय को प्रस्ताव भेजे जाएंगे। उम्मीद है कि जल्द ही इन परियोजनाओं के निर्माण की मंजूरी मिल जाएगी।
इधर, महाप्रबंधक ने प्रस्तावित परियोजनाओं के सर्वे के लिए टीम तैयार कर ली है। परियोजनाओं के सर्वे के समय पानी की गति, इलाके की भूगर्भीय स्थिति का खास तौर पर आकलन किया जाएगा। इन परियोजनाओं के लिए छोटे स्तर के बांध बनेंगे। त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद परियोजनाओं के निर्माण की गति तेज हो जाएगी।