धारचूला (पिथौरागढ़)। नौ सूत्री मांगों को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने शीघ्र मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
एनएचएम कर्मियों ने कहा कि शीघ्र मांग पूरी नहीं हुई तो वह प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन करेंगे। इस दौरान एमसी पाटनी, प्रदीप सिंह रौतेला, डॉ. गौतेंद्र सिंह, डॉ. गिरीश रिंगवाल, डॉ. कविता गुंज्याल, पुष्पा गर्ब्याल, लक्ष्मी वल्दिया, महेश चंद्र पाटनी, रामशब्द यादव, सपना राना आदि रहे।
ये हैं एनएचएम कर्मियों की मांगें
नियमितीकरण, सेवा नियमावली लागू करना, आउटसोर्स के आधार पर नियुक्ति के आदेश को निरस्त करना, स्वास्थ्य विभाग में खाली पदों का 50 प्रतिशत एनएचम कर्मियों से भरना, कोविड काल में मृत कर्मियों के आश्रितों को नौकरी, गोल्डन कार्ड की सुविधा, बोनस, वेतन विसंगति दूर कर 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी।
एनएचएम कर्मियों की हड़ताल से प्रभावित कोविड कार्य
- जिले में कोविड रिपोर्टिंग के आदान-प्रदान में हुईं दिक्कतें
- होम आइसोलेशन के लिए लोगों को करना पड़ा इंतजार
- कोविड पॉजिटिव रिपोर्ट लेने को लोगों को काटने पड़े चक्कर
- टीकाकरण और सैंपलिंग कार्य प्रभावित रहे
आज से काम पर लौटेंगे एनएचएम कर्मी
जिलाध्यक्ष प्रेमबल्लभ भट्ट ने बताया कि संगठन के प्रांतीय नेतृत्व की स्वास्थ्य सचिव और एनएचएम प्रबंधक से हुई वार्ता के बाद ये निर्णय लिया गया। संगठन ने कहा कि कर्मी एक माह तक काला फीता बांध कर काम करते रहेंगे, लेकिन एक माह के भीतर मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर संगठन आगे की रणनीति तय करेगा।
इससे पूर्व संगठन ने सोमवार को जिला अस्पताल और जीवन अनमोल में भर्ती मरीजों को फल बांटे। कर्मियों ने इन अस्पतालों में भर्ती 18 मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।
एनएचएम कर्मचारी संगठन के संरक्षक संजय पांडेय के नेतृत्व में फल वितरण करने वालों में सलाहकार गौरव पांडेय, दीपक पनेरू, दिनेश थ्वाल, प्रवीण भट्ट, हरीश पांडेय, मदन राणा, विनोद जोशी, प्रदीप कार्की आदि थे।
एनएचएम कर्मियों के पिथौरागढ़ जिला मीडिया प्रभारी मोहित पंत ने सचिव और मिशन निदेशक के साथ लिखित सहमति बनी है। एक माह के भीतर समस्या के समाधान का आश्वासन मिला है।
इसलिए एनएचएम कर्मी मांग पूरी होने तक काला फीता बांधकर कार्यस्थल पर विरोध जताते रहेंगे। जिलाध्यक्ष चंदन पवार ने बताया कि जिले में करीब 400 एनएचएम कर्मी कल से अपने कार्य स्थल पर पहुंच जाएंगे।
संविदाकर्मियों के आंदोलन को ट्रेड यूनियन का समर्थन
पिथौरागढ़। जिला ट्रेड यूनियन समन्वय समिति ने एनएचएम संविदा कर्मचारी संगठन की नौ सूत्री मांगों का समर्थन किया है। उनका कहना है कि अगर शीघ्र मांग पूरी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
जिला ट्रेड यूनियन समन्वय समिति के अध्यक्ष दिनेश गुरुरानी ने कहा कि कोविड-19 महामारी में राष्ट्रीय संविदा कर्मचारी संगठन अपनी जान की परवाह किए बिना महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।
इसके बावजूद सरकार उनकी जायज मांगों को पूरा नहीं कर रही है। उन्होंने सरकार से कैबिनेट में इन मांगों के समाधान के लिए नीति बनाने की मांग की है ताकि राज्य में आउटसोर्स प्रथा खत्म हो सके।
उन्होंने सरकार से इन कर्मचारियों का नियमितीकरण खाली पदों पर करने की अपील की है। उन्होंने शीघ्र कर्मियों की मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
सफाई कार्य को ठेकेदारी से हटाया जाए
पिथौरागढ़। देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ ने सफाई कार्य को ठेकेदारी से हटाने की मांग की है। कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष दर्शन लाल ने सोमवार को विधायक चंद्रा पंत को ज्ञापन देकर समस्या सुलझाने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण मित्रों को आउटसोर्सिंग एजेंसी (ठेकेदारी) के माध्यम से नियुक्ति की गई है, जबकि राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष ने पर्यावरण मित्रों को ठेकेदारी के बजाय संस्था के माध्यम से रखने के लिए सरकार को पत्र भेजा था लेकिन इसके बाद भी स्वच्छकों को ठेकेदारी पर रखा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गईं तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान राजेंद्र कुमार, अजय कुमार, विश्वास चंद, अनिल कुमार, राजू आदि रहे।