पिथौरागढ़-तवाघाट रोड में किसी भी समय गिर सकते हैं यह पत्थर
- फोटो : अमर उजाला
पिथौरागढ़-तवाघाट एनएच पर पलेटा से अस्कोट तक 40 किलोमीटर के दायरे में सड़क चौड़ीकरण के दौरान खतरनाक स्थिति पैदा हो गई है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने सड़क चौड़ा करते समय मानकों का कोई ध्यान नहीं दिया। इस कारण अब कई स्थानों पर पहाड़ी से लगातार पत्थर और मलबा गिरने का खतरा पैदा हो गया है। सोमवार रात पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आकर आईटीबीपी जवान की मौत हुई थी।
बीआरओ पांच साल से पिथौरागढ़-तवाघाट सड़क के चौड़ीकरण का काम कर रहा है। सड़क की खराब गुणवत्ता को लेकर सवाल भी उठाए गए। कई बार रोड बंद होने से नाराज लोगों ने बीआरओ के खिलाफ आक्रोश भी जताया था, लेकिन स्थानीय स्तर पर बीआरओ के कामों में किसी प्रकार का नियंत्रण न होने से मनमानी चरम पर है। पलेटा से अस्कोट तक हाल के दिनों में बंदरलीमा, खिरचना, चर्मा, पिनौड़ीगाड़ में नए डेंजर जोन विकसित हो गए हैं, इनमें रोजाना मलबा गिरकर सड़क बंद होना आम बात हो गई है। इस रोड पर चलने वाले हमेशा जान हथेली पर रखकर आवागमन करते हैं। फिलहाल सड़क की दशा ठीक होने वाली नहीं है और लोगों को इसी तरह के खतरों का सामना करता रहना पड़ेगा।
इधर, बीआरओ के अधिकारी रोड को मानकों के अनुसार ही काटने का दावा करते हैं। उनका कहना है कि कुछ स्थानों पर कमजोर मिट्टी खिसक जाती है और उसके साथ पत्थर भी गिरते हैं। इसके बचाव के उपाय किए जा रहे हैं। बीआरओ के द्वितीय कमान अधिकारी आरबी अग्रवाल का कहना है कि सड़क को बेहतर ढंग से बनाने के पूरे प्रयास हुए हैं। भारी बारिश के समय यदि मलबा गिरता है तो उसे तत्काल साफ कर दिया जाता है।
धारीगांव को भूस्खलन का खतरा, राजस्व टीम भेजी
पिथौरागढ़। इस तहसील के धारीगांव को भूस्खलन का गंभीर खतरा हो गया है। गांव के पीछे की पहाड़ी से लगातार भूकटाव हो रहा है और पत्थर लुढ़ककर गांव में पहुंच रहे हैं। ग्राम प्रधान हेमा देवी ने बुधवार को मामले की जानकारी डीएम एचसी सेमवाल को दी। डीएम ने राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेज दिया है। डीएम के अनुसार यदि मकान खतरे में आएंगे तो उनको शिफ्ट कर दिया जाएगा। ग्राम प्रधान ने बताया कि हाल की बारिश से गांव के पीछे की पहाड़ी पर लगातार भूकटाव हो रहा है, जिन परिवारों के लिए ज्यादा खतरा हो गया है वह मकान छोड़ चुके हैं। बारिश के समय लोग दहशत में आ जाते हैं। प्रधान ने कहा कि यदि जल्दी सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए तो गांव को गंभीर खतरा हो सकता है। डीएम ने राजस्व टीम से कहा कि तत्काल रिपोर्ट दें और खतरे से घिरे लोगों को शिफ्ट कराएं।