पिथौरागढ़ महिला चिकित्सालय में नवजात बच्ची की जांच करते चिकित्सक
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बलुवाकोट में मिली नवजात बालिका के पुनर्वास की कवायद शुरू हो गई है। नवजात को रविवार को अल्मोड़ा शिशु सदन में भर्ती कराया जाएगा। इसके बाद ही बच्ची को गोद देने का फैसला किया जाएगा। जिला बाल कल्याण समिति पुनर्वास की तैयारी में जुटी है।
जिला बाल संरक्षण समिति अध्यक्ष रेनु ठाकुर ने बताया कि रविवार को बच्ची को अल्मोड़ा भेजा जाएगा। समिति ने स्थानांतरण से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। प्रशासन से अल्मोड़ा जाने के लिए वाहन देने को कहा है। उन्होंने बताया कि केंद्र में बच्ची की बेहतर परवरिश होगी। इसके बाद केंद्र से ही बच्ची को गोद देने की प्रक्रिया शुरू होगी।
बता दें कि बृहस्पतिवार को बलुवाकोट क्षेत्र में नवजात बालिका एक मकान के पीछे मिली थी। इसके बाद शुक्रवार को उसे धारचूला से पिथौरागढ़ लाया गया था। यहां बाल कल्याण समिति में पंजीकरण के बाद जिला महिला अस्पताल भर्ती करा दिया गया था।
बच्ची की तबियत खराब हुई
नवजात बालिका शनिवार को दूसरे दिन भी जिला महिला अस्पताल में भर्ती रही। सुबह के वक्त बच्ची की तबियत कुछ खराब हुई। इसके बाद बाल रोग विशेषज्ञ जेएस नबियाल और स्टाफ ने बच्ची का परीक्षण किया। बच्चे को हल्के पीलिया और बुखार की शिकायत थी। इलाज के बाद डॉ. नबियाल ने बताया कि बच्ची की हालत खतरे से बाहर है। अस्पताल के स्टाफ के साथ ही बाल कल्याण समिति के कार्यकर्ता देखरेख में लगे रहे।
ऑनलाइन होगा गोद लेने का आवेदन
नवजात को गोद लेने के लिए अल्मोड़ा शिशु सदन में ऑनलाइन आवेदन करना होगा। जिला बाल संरक्षण समिति अध्यक्ष रेनु ठाकुर ने बताया कि गोद लेने की प्रक्रिया अल्मोड़ा केंद्र से होगी। ऑनलाइन आवेदन पर ही विचार किया जाएगा। इससे पहले आवेदनों की पूरी जांच-पड़ताल कराई जाएगी। बता दें कि नवजात के मिलने के बाद कई लोग गोद लेने के लिए आगे आए हैं। बलुवाकोट से लेकर धारचूला और पिथौरागढ़ तक लोगों ने बच्ची को गोद लेने की इच्छा जताई है। बाल कल्याण समिति को इस संबंध में कई आवेदन मिले हैं।