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ट्राली खीचते समय नेपाली की रामगंगा में गिरने से मौत

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नाचनी(पिथौरागढ़)। ट्राली से रामगंगा नदी पार करते समय एक नेपाली नागरिक की गिरने से मौत हो गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए शव जिला मुख्यालय भिजवा दिया है।
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शनिवार सुबह पांच बजे बागेश्वर के भकोण्डा गांव से व्यापारी दीवान सिंह कार्की नाचनी में दुुकान खोलने के लिए आ रहे थे। ट्राली के स्तंभ में पास मोबाइल और कागज गिरे हुए मिले। उन्होंने नदी की ओर देखा तो उन्हें एक शव पानी में आधा डूबा नजर आया। उन्होंने पुलिस को मामले की जानकारी दी। सूचना के बाद थानाध्यक्ष नाचनी पीएस नेगी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव को नदी से बाहर निकाला गया। थानाध्यक्ष नेगी ने बताया कि शव की शिनाख्त 56 वर्षीय जय बहादुर बोहरा पुत्र जोगी बोहरा गांव बाटुली जिला बजांग नेपाल के रूप में हुई है। जय बहादुर 25 वर्षों से नाचनी बाजार में मजदूरी करता था। मृतक बागेश्वर जिले के भकोण्डा कमरा लेकर रहता था। जो ट्राली खींचते समय नदी में गिर गया। सिर पर चोट आने से उसकी मौत हो गई। नेगी ने बताया कि पंचनामा भरने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए पिथौरागढ़ भेजा गया है ।
2017 में बह गया था झूला पुल
नाचनी। व्यापार मंडल अध्यक्ष हरीश बथियाल ने बताया 2017 में बागेश्वर जिले को जोड़ने वाला झूलापुल रामगंगा की बाढ़ में बह गया था। इससे बागेश्वर जिले के भकोण्डा, काभरी कालापैर ,भलोड़ी ,खेती , किसमिला,चेटाबगड़ सहित दर्जनों गांवों के लोगों को दिक्कत हो रही थी। यह क्षेत्र बागेश्वर जिले का अंतिम छोर में होने के कारण यहां के लोग स्कूल ,कॉलेज, बैंक, हॉस्पिटल, खाद्यान्न और बाजार सहित अधिकतर सुविधाओं के लिए पिथौरागढ़ जिले पर ही निर्भर हैं। बीते चार वर्षों से लोग आठ महीने कच्चे पुल से और चार महीने बारिश के दौरानखतरनाक ट्राली से जान खतरे में डालकर रामगंगा पार करते हैं। प्रशासन ने एक भारी भरकम ट्राली लगाई है। इससे कई लोगों को चोट आ चुकी है। झूलापुल निर्माण के लिए कई बार पत्राचार किया गया, लेकिन कोई स्वीकृति नहीं मिली। भकोण्डा (बागेश्वर) के ग्राम प्रधान गंगा सिंह कार्की ने शीघ्र पुल नहीं बनने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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2020 में एक व्यापारी की हो गई थी मौत
नाचनी(पिथौरागढ़)। वर्ष 2017 की आपदा में रामगंगा नदी में बना बागेश्वर को जोड़ने वाला झूलापुल बह गया था। यहां पर झूलापुल के बहने के बाद अस्थायी लकड़ी का पुल बनाया गया था। वर्ष 2020 में रामगंगा नदी पार करते समय भकोण्डा गांव निवासी व्यापारी जगत सिंह पैर फिसलने से नदी में गिर गए थे। इस घटना में उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। प्रशासन ने यहां पर भारी-भरकम ट्राली लगाई है। इसे पार करते वक्त कई लोग घायल हो चुके हैं। (संवाद)
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