धारचूला में पुल खुलने के इंतजार में बैठे नेपाली नागरिक।
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लोक सभा चुनाव को देखते हुए भारत-नेपाल को जोड़ने वाला अंतरराष्ट्रीय झूला पुल बंद होने से नेपाली नागरिक पिछले तीन दिनों से भारत में ही फंसे हैं। इधर झूला पुल के बंद होने से व्यापार पर भी खासा असर पड़ा है। ग्राहक नहीं होने से धारचूला बाजार की अधिकांश दुकानें बंद रहीं।
लोक सभा चुनावों को देखते हुए काली नदी में बने सभी अंतरराष्ट्रीय झूला पुल आठ अप्रैल की शाम पांच बजे बंद कर दिए थे। इसके चलते घरों को लौट रहे सौ से अधिक नेपाली नागरिक भारत में ही फंसे हुए हैं। इनमें अधिकांश लोग परिवार के साथ पूजा के लिए घर लौट रहे लोग शामिल हैं।
बुधवार को पुल खुलने की उम्मीद में सभी नेपाली नागरिक झूला पुल के किनारे बैठे रहे। एसएसबी को जिला प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के कारण पुल नहीं खोला गया। इससे फंसे लोगों में नाराजगी देखी गई। अपने परिवार और बच्चों के साथ दो-तीन दिन से धारचूला में इंतजार कर रहे नेपाली नागरिकों ने कहा कि दोनों देशों के अधिकारियों को आपस में बातचीत करके उन्हें नेपाल भेजा जाना चाहिए था, लेकिन कोई पहल नहीं की गई।
इधर धारचूला और नेपाल को जोड़ने वाले झूला पुल के बंद होने से धारचूला नगर में व्यापार भी मंदा पड़ गया है। नेपाल रोड के 10 से अधिक दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दी हैं। व्यापारी इंद्र सिंह नपलच्याल ने बताया कि नेपाल रोड के दुकानदारों का व्यवसाय रोज नेपाल से आने वाले लोगों से ही चलता है। पुल बंद होने से व्यवसाय 50 प्रतिशत कम हो गया है।