नेपाल सरकार ने लॉकडाउन की अवधि 15 अप्रैल तक बढ़ा दी है। इससे पिथौरागढ़ जिले के धारचूला और झूलाघाट में फंसे एक हजार से अधिक नेपाली नागरिकों को झटका लगा है।
नेपाल ने लॉकडाउन के चलते झूलापुल के गेट बंद कर दिए थे। इससे नेपाल लौटना चाह रहे भारत में रह सैकड़ों नेपाली सीमा पर फंसे हैं। पूर्व में लॉकडाउन की समय सीमा सात अप्रैल तक तय की गई थी, लेकिन नेपाल में नौ लोगों में कोरोना की पुष्टि होने तथा इनकी संख्या और बढ़ने की संभावनाओं देखते हुए नेपाल सरकार की कोरोना रोकथाम समिति की बैठक में लॉकडाउन 15 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया।
नेपाल दार्चुला पत्रकार महासंघ के अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार शंकर धामी ने बताया कि सरकार ने सोमवार को कैबिनेट की बैठक के बाद 15 अप्रैल तक लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा की। इससे गेट खुलने के बाद अपने देश जाने की उम्मीद लगाए नेपाली नागरिक खासे निराश हैं।
धारचूला के विभिन्न राहत शिविरों जीआईसी बरम में 71, जीआईसी जौलजीवी 224, जीआईसी बलुवाकोट में 369, निंगालपानी फायर बिग्रेड भवन 32 और जवाहर नबियाल स्टेडियम में 336 नेपाली मजदूर रह रहे हैं। इन सभी राहत शिविरों में रह रहे कुल 1032 नेपाली मजदूरों की खाने पीने, कपड़े, बिस्तर और स्वास्थ्य की व्यवस्था तहसील प्रशासन और एनएचपीसी के धौलीगंगा पावर स्टेशन तपोवन संयुक्त रूप से कर रही है। झूलापुल खुलने की उम्मीद में सोमवार की देर शाम मदकोट से 40 नेपाली मजदूर धारचूला पहुंचे। झूलाघाट में भी 250 से अधिक मजदूर फंसे हुए हैं।