दो माह बाद नेपाल से भारत लौटने पर खुशी जताती महिला।
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संवाद न्यूज एजेंसी धारचूला (पिथौरागढ़)। बृहस्पतिवार को झूला पुल खुलने के दौरान नेपाल दार्चुला में रं समुदाय के गर्ब्याल, नबियाल, गुंज्याल, कुटी आदि रह रहे 100 से अधिक भारतीय परिवारों को राशन और अन्य दैनिक सामग्री भेजते समय नेपाल की ओर भीड़ जमा होने से धक्का मुक्की हो गई। इस पर नेपाल पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। इस लाठीचार्ज में दीपेंद्र बुदियाल घायल हो गया। इसके बाद नेपाल ने अपनी ओर से झूला पुल के गेट बंद कर दिए। लगभग ढाई घंटे पुल बंद रखने से नेपाल में लगभग 10 भारतीय और भारत में 21 नेपाली फंसे रहे। विधायक हरीश धामी और उपजिलाधिकारी एके शुक्ला के बार-बार कहने पर भी नेपाल की ओर से पुल नहीं खोला गया। बाद में नेपाल के उच्च अधिकारियों से बातचीत होने पर पुल खोला गया। विधायक हरीश धामी ने नेपाल की और से ढाई घंटे पुल नहीं खोलने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि नेपाल प्रशासन को इस प्रकार व्यवहार करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि नेपाल के मजदूरों को लॉकडाउन में एक माह तक भारतीय प्रशासन ने भोजन और आवास की अच्छी व्यवस्था की थी। नेपाल में रह रहे भारतीय परिवारों को राहत सामग्री पहुंचाने पर नेपाल का पुल बंद रखना गलत है।
--:: दो माह नेपाल में फंसी रही मां से मिलने गई लवीना :: धारचूला। सोसा निवासी लवीना ह्यांकी अपने पांच माह के बच्चे के साथ नेपाल में अपने माता पिता से मिलने गई थी। लॉकडॉउन के कारण झूला पुल बंद होने से नेपाल में दो महीने फंसी रही।