अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बसे झूलाघाट के सामने नेपाल के जूलाघाट में सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। इस दौरान पहाड़ी से निकलने वाले मलबे को ठेकेदार ने काली नदी में फेंक दिया। इससे नदी में मलबे का ढेर लग गया है।
मलबे से तलहटी तो पट गई है अब ऊपर तक इसका ढेर लग गया है। जूलाघाट पहाड़ी के सामने ही भारत स्थित झूलाघाट का थाना स्थापित है। यहां पुलिस के आवासीय कक्ष एवं बैरक है। जूलाघाट से पहाड़ी का मलबा काली नदी में फेंकने के दौरान थाना एवं आसपास के घरों में धूल-मिट्टी की परत जम गई है। पहाड़ी की ऊंचाई से नदी में मलबा और बोल्डर फेंकने के दौरान झूलाघाट में धूल का गुबार छा जा रहा है। इससे लोगों को कुछ दिखाई नहीं दे रहा है।
काली नदी दोनों देशों की सीमाओं का विभाजन करती है। इसके महज 20 मीटर की दूरी पर भारत में आवासीय भवन हैं। इसके बाद भी सड़क चौड़ीकरण का मलबा, बोल्डर सीधे काली नदी में फेंके जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या पर दोनों देशों के अधिकारियों को हस्तक्षेप कर समाधान किया जाना चाहिए।