विचार विमर्श करते एसएसबी और वन विभाग के अधिकारी
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वन्य जीव तस्करी की दृष्टि से नेपाल सीमा को बेहद संवेदनशील माना गया है। अब एसएसबी और वन विभाग ने सीमा पर वन्यजीवों की तस्करी रोकने के लिए संयुक्त अभियान चलाने का फैसला लिया है। शुक्रवार को एसएसबी 55वीं वाहिनी मुख्यालय में हुई कार्यशाला में वन्यजीव तस्करी वाले रास्तों, उनमें नियंत्रण लगाने के उपायों पर चर्चा हुई।
उपप्रभागीय वनाधिकारी एके श्रीवास्तव ने वन्य जीव संरक्षण एक्ट 1972 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि इस एक्ट में वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए खास प्रबंध किए गए हैं। तय किया गया कि आने वाले समय में तस्करी रोकने के लिए साझा अभियान चलाया जाएगा। प्रभारी कमांडेंट डा. राजेश कुमार ने वन विभाग के सहयोग की सराहना की और अपनी ओर से किए गए इंतजामों के बारे में बताया।
एसएसबी नेपाल सीमा पर तैनात है। वह सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ तस्करी रोकने के लिए भी सक्रिय रहती है। इस कार्यशाला में लिए गए फैसलों के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि नेपाल सीमा पर वन्यजीवों की तस्करी में अंकुश लग जाएगा। कार्यशाला में नेपाल सीमा से सटे एसएसबी की बलुवाकोट, जौलजीबी, बगड़ीहाट, सुनखोली, ध्याण, जमतड़ी, झूलाघाट, हल्दूघाट, राउतगढ़ आदि कंपनियों के प्रभारियों ने हिस्सा लिया।