नेपाल के दार्चुला में आयोजित बैठक में भारत-नेपाल के अधिकारी और जनप्रतिनिधि। संवाद
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नेपाल के दार्चुला में रविवार को भारतीय और नेपाल के अधिकारियों की बैठक में तटबंध निर्माण के संबंध में चर्चा हुई। बैठक में दोनों देशों के स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इस दौरान निर्माण कार्य के दौरान भविष्य में नेपाल की ओर से पत्थरबाजी की घटना नहीं होने को लेकर भी आश्वस्त किया गया। इसके बाद धारचूला के घटखोला में तटबंध निर्माण को लेकर मलबा हटाने का कार्य शुरू हो जाएगा।
बता दें कि धारचूला की सुरक्षा के लिए सिंचाई विभाग काली नदी किनारे तटबंध निर्माण कर रहा है। तटबंध के विरोध में नेपाल की ओर से कई बार पत्थरबाजी करने से काम में व्यवधान आ रहा था। इसे देखते हुए भारत और नेपाल के अधिकारियों की बैठकें हुई थीं। रविवार को धारचूला से संयुक्त मजिस्ट्रेट दिवेश शाशनी, अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ नेपाल के दार्चुला जिला मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने वहां के सीडीओ दीर्घराज उपाध्याय के साथ ही मौजूद अधिकारियों से बातचीत की।
बैठक में नेपाल ने अपनी ओर का मलबा हटाने का आश्वासन दिया। इस दौरान भारतीय अधिकारियों ने भी सोमवार से काम शुरू करने और काम पूरा होने के बाद काली नदी में बने डायवर्जन हटाने की बात कही। नेपाल के अधिकारियों ने पत्थरबाजी की घटना नहीं होने को लेकर भी आश्वस्त किया। किसी तरह की भ्रमण की स्थिति पैदा होने पर दोनों देशों के अधिकारियों को जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा रं कल्याण संस्था और व्यास समाज के पदाधिकारी भी चर्चा करेंगे।
बैठक में भारत से अधिशासी अधिकारी सिंचाई विभाग फरजान खान, महीराज गर्ब्याल, पूर्व पालिकाध्यक्ष अशोक नबियाल, महेंद्र बुदियाल, नृप गर्ब्याल, व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र थापा, बीरेंद्र सिंह, रं कल्याण संस्था अध्यक्ष दीपक रोंकली, कृष्ण गर्ब्याल, खड़क दानू, महेश गर्ब्याल और नेपाल के मेयर नर सिंह चेसिर, पूर्व विधायक गैलबो बोरा, अमन बोरा, महाकाली नदी नियंत्रण योजना प्रमुख मनोहर कुमार साह मौजूद थे।