धारचूला (पिथौरागढ़)। नेपाल से आए रिश्ते के नाना ने दो साल के मासूम की धारदार हथियार से वार कर जान ले ली। बीच बचाव में आए बच्चे के दादा भी गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने देर शाम आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
घटना धारचूला से 24 किमी दूर गर्गुवा गांव के सोप तोक की है। गांव के कुशल सिंह कुंवर (60) के बड़े भाई स्व.भीम सिंह का साला कोट छापरी दार्चुला (नेपाल) निवासी गगन सिंह (30) रविवार को अपनी दीदी कैंची देवी के घर आया था। दोनों भाइयों के घर एक साथ हैं। सोमवार दोपहर कुशल सिंह की बहू कविता देवी (32) अपने दो वर्षीय बेटे वंश सिंह कुंवर की तेल मालिश कर रही थी। तभी गगन सिंह ने धारदार हथियार से अचानक मासूम के गले में वार कर दिया। इसके बाद वह कविता देवी पर भी हमला करने लगा। कविता ने घर के अंदर जान बचाई। चीख पुकार सुनने के बाद वंश के दादा कुशल सिंह घर से बाहर निकले तो गगन सिंह ने उन पर भी जानलेवा हमला कर दिया। हमले में कुशल सिंह के एक हाथ की अंगुलियां कट गईं। वंश की दादी आनमती देवी सहित अन्य सदस्यों ने खुद को कमरे में बंद कर जान बचाई।
घटना के समय वंश के पिता रमेश सिंह कुंवर पशुओं के साथ जंगल गए थे। घटना को अंजाम देने के बाद नेपाली गगन सिंह मौके से फरार हो गया। धारचूला कोतवाल कुंवर सिंह रावत पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और कुशल सिंह को धारचूला अस्पताल लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हायर सेंटर जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। एसपी लोकेश्वर सिंह ने बताया कि आरोपी गगन सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ हत्या की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी बहन और कुशल सिंह के परिवार का कुछ दिन पहले झगड़ा हुआ था। इससे गुस्सा होकर उसने मासूम पर हमला कर दिया। संवाद
पुल बंद होने के बाद भारत कैसे पहुंचा
धारचूला (पिथौरागढ़)। दो वर्षीय मासूम को मौत के घाट उतारने वाले गगन सिंह के अवैध तरीके से भारत आने की आशंका जताई जा रही है। नेपाल में चुनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय झूलापुल 20 नवंबर की शाम सात बजे तक बंद थे। अंदेशा लगाया जा रहा है कि वह नेपाल में मतदान करने के बाद काली नदी से अवैध तरीके से भारत आया होगा। बताया जा रहा है कि वह अपनी दीदी के घर गर्गुवा आता रहता था और सनकी मिजाज का था। संवाद