पिथौरागढ़ की नैनीसैनी हवाई पट्टी
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नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो ने नैनी सैनी हवाई पट्टी के नीचे सुरंग खोदकर बनाए गए पैदल मार्ग को हरी झंडी दे दी है। इससे अब अंडरपास वाली देश की पहली हवाई पट्टी का दर्जा भी इसे मिल गया है। सुरक्षा की दृष्टि से हवाई पट्टी पर हवाई जहाज के उड़नेे और उतरने के समय 15-15 मिनट के लिए यातायात बंद रखा जाएगा।
प्रशासन ने नागर विमानन की ओर से लगाई गई सभी आपत्तियों का निस्तारण कर दिया है। 1600 मीटर लंबी और 60 मीटर चौड़ी इस हवाई पट्टी में ओढ़माथा गांव को सड़क से जोड़ने के लिए अंडर पास बनाया गया है। रनवे के नीचे पैदल मार्ग के कारण उड़ान के लिए अनुमति मिलने को लेकर जो आशंका जताई जा रही थी, वह अब दूर हो गई है। नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो के अधिकारियों ने ग्रामीणों की आवाजाही के लिए बनाए गए इस अंडरपास को हरी झंडी दे दी है। ब्यूरो के महानिदेशक एएचएस बिलौरिया के अनुसार टनल से होकर गुजरने वाला मार्ग उड़ान में बाधक नहीं है।
केवल सुरक्षा की दृष्टि से हवाई जहाज के उड़ने और उतरने के समय 15-15 मिनट के लिए टनल के भीतर के आवागमन को रोका जाएगा। टनल में सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी लगाए जाएंगे। टनल के दोनों ओर सुरक्षा गार्ड रूम में पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे। वर्ष 1991 से बनाई जा रही नैनी सैनी हवाई पट्टी से सात अक्तूबर को देहरादून के लिए पहली उड़ान शुरू हो जाएगी।
नैनीसैनी अंडर पास वाली देश की पहली हवाई पट्टी है। हवाई पट्टी में जो भी कमियां थीं, उन्हें दूर कर दिया गया है। हवाई पट्टी में बना अंडर पास हवाई सेवा में बाधा नहीं बनेगा। सरकार की मंशा सात अक्तूबर से हवाई सेवा शुरू करने की है।
- प्रकाश पंत, वित्त मंत्री