फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुवानी अस्पताल में सात साल से डॉक्टर नहीं

Tue, 14 Jul 2015 10:25 PM IST
महेंद्र जंगपांगी/अमर उजाला, थल
विज्ञापन
विज्ञापन
मुवानी के राजकीय एलोपैथिक अस्पताल की कहानी भी अजीबोगरीब है। इस अस्पताल में सात साल से एक भी डॉक्टर नहीं है। एकमात्र फार्मेसिस्ट के भरोसे अस्पताल चल रहा है, जिस कारण मरीज यहां आने के बजाए 45 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल जाने में ही भलाई समझते हैं। अस्पताल में बड़े रोगियों का इलाज नहीं होता है। पिछले दिनों जिले में 19 डॉक्टरों की तैनाती हुई, लेकिन मुवानी अस्पताल को फिर भी डॉक्टर नहीं मिला।
विज्ञापन


डीडीहाट, कनालीछीना और बेड़ीनाग विकासखंड के करीब 50 गांवों के लोगों की सुविधा के लिए दस साल पहले सरकार ने मुवानी घाटी के इस अस्पताल को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिया, जिससे लोगों में उम्मीद जगी कि अब उन्हें इलाज कराने के लिए दूरदराज नहीं जाना पड़ेगा और जिला अस्पताल पर निर्भरता समाप्त होगी। कुछ समय तक सब ठीक ठाक चला। डॉक्टर भी तैनात हुए, लेकिन धीरे-धीरे डॉक्टरों ने उच्च स्तर पर जुगाड़ लगाकर अपना ट्रांसफर करा दिया। अस्पताल के साथ विडंबना यह रही कि कोई भी डॉक्टर यहां छह महीने से ज्यादा नहीं टिका।

घाटी वाले इस इलाके में बुखार, उल्टी, दस्त जैसी बीमारियों का हमेशा प्रकोप रहता है। सांप और जहरीले कीड़ों से काटने की घटनाएं होती रहतीं हैं। लोगों के सामने एक ही विकल्प बचता है कि 45 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल जाएं। इसमें धन और समय दोनों खर्च होता है। इस अस्पताल पर कनालीछीना विकासखंड के सुरौली से लेकर मुगरौली तक, डीडीहाट विकासखंड के डिगौटी, विनायक से लेकर स्यालवे तक और बेड़ीनाग विकासखंड के पीपलतड़ से लेकर पिल्खी तक के गांव निर्भर है। डॉक्टरों की तैनाती के लिए कई बार आवाज उठाई गई। लोग कहते हैं कि पीएचसी के मानक के अनुसार तीन डॉक्टर कम से कम तैनात होने चाहिए, लेकिन यहां तो एक डॉक्टर तक नहीं है।
विज्ञापन


कोई अधिकारी बात नहीं सुनता
मुवानी के जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार ने अस्पताल में डॉक्टर की तैनाती का मामला कई बार अफसरों के सामने रखा, लेकिन वह कहते हैं कि अधिकारी बात को अनसुना कर देते हैं। डॉक्टर की तैनाती के लिए अब उग्र आंदोलन ही किया जाएगा।

किसी को तो गौर करना चाहिए
मुवानी के समाजसेवी सोबन सिंह कार्की का कहना है कि अस्पताल की इस अव्यवस्था को लेकर अधिकारी और जनप्रतिनिधि किसी को तो गौर करना चाहिए। वह कहते हैं कि लोग स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के कारण ही इलाके को छोड़ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें