पिथौरागढ जौलजीबी मार्ग को खोलती जेसीबी मशीन
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मुनस्यारी से जौलजीबी जाने वाली सड़क पर यातायात दूसरे दिन रविवार को भी बंद रहा। घिंघरानी और बंगापानी के पास सड़क पर भारी मलबा पटा है। बंगापानी के पास कठिन चट्टान टूटकर गिरी है। इस कारण उसे हटाने में ज्यादा दिक्कत आ रही है। मदकोट, बरम, बंगापानी के लोगों को पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, हल्द्वानी और धारचूला जाने के लिए मुनस्यारी के रास्ते आना पड़ रहा है, इसमें उनको 60 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है।
मुनस्यारी-जौलजीबी सड़क की देखरेख बीआरओ करता है। सड़क के चौड़ीकरण के कारण इसमें कई स्थानों पर मलबा पटने का खतरा बढ़ गया है। मुनस्यारी से लेकर जौलजीबी के बीच कई डेंजर जोन विकसित हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि चौड़ीकरण के कारण सड़क की हालत और बिगड़ गई है। शनिवार सुबह हुई भारी बारिश के दौरान यह सड़क बंद हो गई थी। बीआरओ के आफीसर कमांडिंग ए मेधी सड़क से मलबा हटाने के काम का निरीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रात में भी सड़क खोलने का काम किया जा रहा है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि सोमवार से रोड पर वाहनों की आवाजाही सामान्य हो जाएगी। मवानीदवानी के क्षेत्र पंचायत सदस्य भगत सिंह मेहरा का कहना है कि बीआरओ को ज्यादा संवेदनशील स्थानों का चिन्हीकरण कर सुरक्षा के उपाय करने चाहिए।
पिथौरागढ़। रविवार को बारिश की रफ्तार कम होने से सभी मार्गों पर पटा मलबा हटाने का काम तेज हो गया। जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय के अनुसार रविवार को मुनस्यारी-जौलजीबी रोड को छोड़कर अन्य सभी प्रमुख सड़कों पर यातायात सामान्य रहा। सातशिलिंग-थल, थल-मुनस्यारी, पिथौरागढ़-तवाघाट, तवाघाट-सोबला मार्ग खुले हैं। जिले का मैदानी इलाकों से संपर्क बना हुआ है। रविवार को पूरे दिन बारिश नहीं हुई।