दरांती, खसियाबाड़ा, मपवालबाड़ा और रांथी गांव के लोगों ने बृहस्पतिवार को मुनस्यारी-जौलजीबी मार्ग पर चार घंटे तक जाम लगाया। इन गांवों को जाने वाली पानी की लाइन सड़क चौड़ीकरण के दौरान टूट गई थी। इस कारण गांवों में पेयजल का गंभीर संकट बना हुआ है।
इससे पहले भी लोगों को दस दिन तक पेयजल का संकट झेलना पड़ा था। तब गांव के लोगों ने प्रदर्शन किया और जल संस्थान ने अस्थायी रूप से पानी की लाइन जोड़ी थी जो तीसरे दिन फिर से टूट गई। एक सप्ताह से पेयजल संकट से परेशान लोगों ने चक्काजाम के लिए पहले ही अल्टीमेटम दे दिया था।
बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे भारी संख्या में लोग मुनस्यारी-जौलजीबी मार्ग पर दरांती के पास एकत्र हुए। खाली बर्तन लेकर इन लोगों ने सड़क जाम कर दी। जाम का नेतृत्व बबलू लोहनी और कैलाश पांगती ने किया। लोगों का कहना है कि सीमा सड़क संगठन और जल संस्थान की लापरवाही से लोगों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
पहले भी ऐसी नौबत आई थी और लोगों ने एसडीएम वैभव गुप्ता के सामने अपना आक्रोश जताया था। कहा कि पानी की सप्लाई बंद होने से लोगों को दो किलोमीटर दूर प्राकृतिक स्रोत का सहारा लेना पड़ रहा है। जानवरों तथा खुद के लिए पानी की व्यवस्था करने में ही दिन बीत रहा है।
प्रदर्शन में प्रधान भगत सिंह बिष्ट, बसंती देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य गिरधर मेहता, प्रकाश कुमार, नारायणी देवी, मीना देवी, देवेंद्र खत्री आदि थे। वहीं, जाम लगने की सूचना पर मौके में पहुंचे तहसीलदार खुशाल राम ने जल संस्थान के जिम्मेदार अधिकारियों के मौके पर न आने पर नाराजगी जताई और अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है।
साथ ही आश्वासन दिया कि 24 घंटे के भीतर पेयजल सप्लाई बहाल कर दी जाएगी। इस आश्वासन पर चार घंटे बाद दोपहर 12 बजे लोगों ने जाम खोल दिया।