बंदरलीमा के पास मलबा हटाती जेसीबी
- फोटो : अमर उजाला
मुनस्यारी-जौलजीबी मार्ग पर घिंघरानी के पास बृहस्पतिवार सुबह मलबा आने से वाहनों की आवाजाही चार घंटे तक बाधित रही। इस सड़क पर दरकोट, सेरा के पास भी मलबा आने का खतरा बना है। सीमा सड़क संगठन ने सुबह दस बजे तक मलबा हटा दिया और यातायात को सामान्य कर दिया। थल-मुनस्यारी मार्ग पर हरड़िया और रातीगाड़ के पास मलबा गिर रहा है, लेकिन वाहनों की आवाजाही बनी है। सातशिलिंग-थल रोड पर भी बुंगाछीना के पास बृहस्पतिवार सुबह कुछ देर तक वाहन रुके रहे।
पिथौरागढ़-तवाघाट रोड पर बंदरलीमा के पास मलबा हटाने का काम जारी है। इस स्थान पर बृहस्पतिवार सुबह करीब एक घंटे तक वाहनों की आवाजाही नहीं हो पाई। पिथौरागढ़-तवाघाट रोड पर बंदरलीमा, चर्मा, पिनौड़ीगाड़, बगड़ीहाट, लखनपुर के पास लगातार मलबा गिरने का खतरा बना है। बुधवार रात बारिश की रफ्तार धीमी थी। फिर भी कुछ स्थानों पर मलबा गिर ही गया। बीआरओ ने इस रोड पर मलबा हटाने के लिए जेसीबी तैनात किए हैं। जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय के अनुसार जिले के सभी प्रमुख मार्गों पर यातायात सामान्य रूप से चला है। जिले का मैदानी शहरों से संपर्क बना है। सभी सड़क निर्माण एजेंसियों को आपदा प्रबंधन विभाग ने निर्देश जारी किए हैं कि सड़कों पर आवागमन बनाए रखने को प्राथमिकता दें।
24 घंटे में कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़-4.2 एमएम
गंगोलीहाट-3.0 एमएम
डीडीहाट-23.2 एमएम
मुनस्यारी-20.0 एमएम
धारचूला-23.6 एमएम
70 दिन बाद खुली पय्यांपौड़ी रोड
धारचूला (पिथौरागढ़)। 19 मई को भारी बारिश के समय बंद हुई बलुवाकोट-पय्यांपौड़ी सड़क पर बृहस्पतिवार सुबह से यातायात सामान्य हो गया। पय्पांपौड़ी में फंसी पांच जीपें भी बृहस्पतिवार सुबह रोड खुलते ही बाजार को निकल गई। लोनिवि ने सड़क से मलबा हटाने और टूटी दीवारों की मरम्मत के लिए अब तक काम जारी रखा था। लोनिवि के ईई एबी कांडपाल ने बताया कि सड़क की देखरेख के लिए लगातार मजदूर तैनात किए गए हैं, यदि बारिश के समय रोड पर मलबा गिरता है तो उसे तत्काल हटाने के प्रयास किए जाएंगे। पय्यांपौड़ी के सामाजिक कार्यकर्ता जीवन ठाकुर ने बताया कि रोड खुलने से लोगों को बड़ी राहत मिली है।