शुक्रवार को हुई बारिश और चोटियों पर हिमपात के कारण शनिवार सुबह पूरे जिले में शीतलहर का प्रकोप बना रहा। जिला मुख्यालय में न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि मुनस्यारी में पारा माइनस 2 डिग्री पर पहुंचा है। हालांकि, शनिवार को मौसम साफ हो गया, लेकिन कड़ाके की ठंड में कोई कमी नहीं आई है।
हिमपात के कारण बंद चल रहे थल-मुनस्यारी रोड पर शनिवार सुबह से यातायात सामान्य होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। मौसम विभाग के अनुसार एक-दो दिन तक मौसम सामान्य बना रहेगा, लेकिन एक फरवरी को फिर से बादल छाने लगेंगे। उसके बाद ऊंचाई वाले इलाकों पर हिमपात की संभावना फिर से बन सकती है।
इधर, अच्छी बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। ताजा बारिश को गेहूं, मसूर, चना जैसी फसलों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। इसके अलावा इस सीजन में बोई जाने वाली सब्जियों के लिए भी अब पर्याप्त नमी हो गई है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार किसानों को इस नमी का फायदा उठाना चाहिए। मुनस्यारी में कड़ाके की ठंड से सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त बना है।
कैलाश यात्रा मार्ग पर भारी हिमपात
धारचूला। कैलाश मानसरोवर पैदल यात्रा मार्ग पर इस बार भारी हिमपात हुआ है। आईटीबीपी और एसएसबी की अग्रिम चौकियों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ स्थानों पर दो फुट तक बर्फ गिरी है। यात्रा मार्ग को कई जगह नुकसान भी पहुंचा है। भारी हिमपात को देखते हुए सुरक्षाबलों के जवानों को गश्त के दौरान विशेष सावधानी बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं।