मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। मुनस्यारी विकासखंड के सबसे दूरस्थ और दुर्गम माइग्रेशन गांव का सालों पुराना अंधेरा आखिरकार छंट गया है।
यह सीमांत गांव अब सोलर लाइट की रोशनी से जगमगा उठा है। बिजली पहुंचने से जहां एक ओर ग्रामीणों के जीवन में नया उजाला आया है, वहीं दूसरी ओर रात के समय जंगलों से आने वाले हिंसक वन्य जीवों का खतरा भी अब कम हो जाएगा। मुनस्यारी विकासखंड के दूरस्थ गांव पातलथौड़ के ग्रामीण हर साल मवेशियों के साथ छह महीने तक निवास करते हैं। जाड़ों में ग्रामीण गांव छोड़कर निचले इलाकों में माइग्रेशन करते हैं।
गांव में रोशनी की कोई व्यवस्था न होने से ग्रामीण परेशान थे। उन्हें मोमबत्ती के सहारे घरों को रोशन करना पड़ रहा था।
वहीं अंधकार में वन्य जीवों का खतरा भी बना हुआ था। अब ग्रामीणों की यह समस्या दूर हुई है। विकास विभाग की तरफ से गांव को सोलर लाइट से रोशन किया गया है।
सीडीओ डॉ. दीपक सैनी ने कहा कि गांव में 10 से अधिक सोलर लाइट स्थापित की गई हैं। वहीं जिला पंचायत सदस्य भावना दानू ने इस अनुरोध को स्वीकारने के लिए सीडीओ का आभार जताया है। सोलर से गांव रोशन होने से ग्रामीणों में भी खुशी की लहर है।