मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। थल-मुनस्यारी सड़क के बनिक के पास फिर से भूस्खलन हो गया है। 15 दिनों से बंद सड़क सोमवार को एक घंटे के लिए खुली लेकिन इसके बाद पहाड़ से फिर से मलबा गिरना शुरू हो गया। इसके चलते बड़े वाहन फंसे रह गए।
बनिक और रातापानी में पहाड़ से आए दिन भूस्खलन होने से सड़क बार-बार बंद हो रही है। इससे क्षेत्र के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को एक घंटा सड़क खुलने से छोटे वाहनों से सब्जी मुनस्यारी लाई गई। इससे आलू व टमाटर का संकट कुछ हद तक कम हुआ है लेकिन खाद्यान्न नहीं पहुंच पाया। दोपहर में फिर से पहाड़ से भूस्खलन हो गया। यहां करीब 300 मीटर क्षेत्र में पहाड़ खतरनाक बना हुआ है।
तम्पा में जान जोखिम में डालकर हो रही आवाजाही
धारचूला। व्यास घाटी के गांवों को जोड़ने वाली सड़क बंद होने से ग्रामीणों को आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। घाटी में व्यास ऋषि मेला लगने वाला है। इसके चलते ग्रामीण गांवों की ओर जा रहे हैं। वहां फंसे वाहन स्वामी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि व्यास घाटी में तम्पा मंदिर के पास बोल्डर और मलबा आने से सड़क बंद है। सड़क बंद होने से दोनों और कई वाहन और ग्रामीण फंसे हुए हैं। यहां लोगों को जान जोखिम में रख आवाजाही करनी पड़ रही है। उधर टनकपुर-तवाघाट और तवाघाट-सोबला, सोबला-ढाकर सड़क खुलने से लोगों को राहत मिली है। संवाद
पिथौरागढ़ जिले की 12 सड़कें बंद
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में अभी भी 12 सड़कें बंद हैं। सड़कों को खोलने के लिए मशीन और श्रमिक लगाए गए हैं। आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार मदकोट-फापा, एलागाड़-जुम्मा, कालिका-खुमति, छिरकिला-जम्कू, बांसबगड़-कोटा-पंद्रहपाला, मसुरीकांठा-होकरा, मदकोट-तोमिक, डोर-सैंणरांथी, डीडीहाट-आदिचौरा-हुनेरा, तवाघाट-थानीधार, रामगंगापुल-मुनस्यारी और घट्टाबगड़-लिपुलेख सड़कें बंद हैं। ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें बंद होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संवाद