शुक्रवार रात को हुई बर्फबारी से सीमांत क्षेत्र के हालात और विकट हो गए हैं। थल-मुनस्यारी सड़क पर तीसरे दिन भी यातायात बहाल नहीं हुआ। समकोट की सड़क भी बर्फ पटने से बंद हो गई है। बर्फबारी के कारण समकोट से दो बीमार लोगों को अस्पताल नहीं लाया जा सका। मुनस्यारी का तापमान शनिवार को न्यूनतम माइनस 4 डिग्री, अधिकतम 8 डिग्री मापा गया।
शुक्रवार रात मुनस्यारी के कालामुनी, बेटुलीधा , समकोट, बेड़ीनाग के चौकोड़ी के साथ ही जिला मुख्यालय के चंडाक, सौड़लेख, थलकेदार क्षेत्र में बर्फबारी हुई। पिथौरागढ़ नगर में भी बर्फ गिरी, लेकिन टिक नहीं पाई। मुनस्यारी में शुक्रवार की शाम 6 बजे से रात 11 बजे तक बर्फबारी होती रही। बर्फबारी के कारण थल-मुनस्यारी मार्ग पर बलाती बैंड से रातापानी तक 15 किमी हिस्सा बर्फ से पटा हुआ है। कालामुनी 9 इंच, बेटुलीधार में 7 इंच, मुनस्यारी बाजार में 5 इंच, खलियाटॉप में एक फुट बर्फ गिरी है। मुनस्यारी में पिछले 35 घंटे से बिजली न होने से 20 हजार की आबादी को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोनिवि स्नो कटर, जेसीबी के जरिए सड़क से बर्फ हटवा रहा है। बिजली विभाग की टीम लाइनों की मरम्मत में जुटी हुई है। ऊर्जा निगम के अवर अभियंता बहादुर सिंह का कहना है कि नाचनी और मुनस्यारी के बीच लाइन क्षतिग्रस्त है। जल्द ही बिजली बहाल कर दी जाएगी।
उधर, समकोट जाने वाली सड़क गिनीबैंड से मल्ला समकोट तक 8 किमी हिस्से में बर्फ से पट गई है। आवागमन ठप होने से इलाके की तीन हजार आबादी को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। समकोट के व्यापारी चंचल सिंह बसेड़ा ने बताया कि सड़क बंद होने के कारण श्वांस की बीमारी से पीड़ित 60 वर्षीय कीड़ी देवी और 65 वर्षीय हिम्मत सिंह को मुनस्यारी अस्पताल नहीं ले जा पा रहे हैं। उन्होंने सड़क को जल्द खोलने की मांग की है।