क्षेत्र में लोगों को अब बर्फबारी आफत लगने लगी है। बर्फबारी के चलते पिछले पांच दिन से थल-मुनस्यारी सड़क बंद है। चार दिन से बिजली आपूर्ति ठप है। कड़ाके की ठंड में लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बर्फबारी से थल-मुनस्यारी सड़क कालामुनि, बेटुलीधार, बलांती बैंड के पास बंद हो गई। दो दिन बाद लोनिवि ने सड़क खोलने की कार्रवाई शुरू की, लेकिन अधिक बर्फ होने के चलते कामयाबी नहीं मिली। बृहस्पतिवार को मौसम खुलने के बाद नगर, बलाती बैंड, कालामुनि से बर्फ हटाने का कार्य शुरू किया गया। बलाती बैंड में तो 11 में से छह मोड़ों पर से बर्फ को हटा दिया गया था। शुक्रवार को फिर बर्फबारी होन से सड़क खोलने का कार्य बाधित हो गया है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि वर्ष 2004 के बाद ऐसी बर्फबारी देखने को मिल रही है।
बर्फबारी से गिरगांव से ऊपर कई जगहों पर 33 केवी लाइन में पेड़ों की टहनियां गिर गई हैं। इससे आपूर्ति बाधित हो गई है। अधिक बर्फ के चलते ऊपरी क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त लाइनों को दुरुस्त करने में काफी दिक्कतें आ रही हैं।
मोस्टामानू, सौरलेख, थलकेदार ध्वज की पहाड़ियों पर बर्फबारी
जिला मुख्यालय में शुक्रवार को दोपहर में हल्की बर्फबारी हुई। बर्फबारी देखने के लिए लोग घरों से बाहर निकल आए।
जिला मुख्यालय में सुबह चार बजे से बारिश का क्रम शुरू हो गया। दोपहर दो बजे जिला मुख्यालय में बर्फबारी का आकर्षक नजारा देखने को मिले। 10 मिनट बाद ही बर्फबारी थम गई और बारिश शुरू हो गई। नगर के आसपास की ऊंची चोटियों चंडाक, मोस्टामानू, सौरलेख, थलकेदार, सतगढ़, ध्वज की पहाड़ियों में काफी बर्फबारी हुई है। डीडीहाट क्षेत्र में तड़के साढ़े तीन बजे से बारिश और बर्फबारी शुरू हो गई। सीराकोट की पहाड़ियों पर काफी हिमपात हुआ है। नगर और आसपास के क्षेत्रों में भी बर्फबारी हुई। दिनभर बारिश और बर्फबारी के चलते लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा।
बेड़ीनाग क्षेत्र में तड़के से हो रही बर्फबारी और बारिश से होटल कारोबारियों के साथ ही किसानों के चेहरे भी खिल गए हैं। शुक्रवार को लोगों ने चौकोड़ी पहुंच बर्फबारी का लुत्फ उठाया। पर्यटन स्थल चौकोड़ी, धरमघर, झलतोला बर्फ की सफेद चादर से लकदक हो गए हैं। चौकोड़ी में डेढ़ इंच तक बर्फबारी हुई है। निचले इलाकों में बारिश के साथ-साथ ओले भी गिरे।