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मुनस्यारी, चंडाक, मोस्टामानू में हिमपात

Wed, 24 Jan 2018 10:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़/मुनस्यारी/धारचूला
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मुनस्यारी में हिमपात के बाद निखरा प्रकृति का सौंदर्य - फोटो : अमर उजाला
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मंगलवार देर रात हुए हिमपात से जिले की सभी ऊंची पहाड़ियां बर्फ से लकदक हो गई हैं। जिला मुख्यालय के पास चंडाक और मोस्टामानू में मौसम का पहला हिमपात हुआ है। जिला मुख्यालय में तड़के करीब तीन बजे बर्फ के फाहे गिरने लगे, लेकिन यह जमीन पर टिके नहीं। जिला मुख्यालय के आसपास थलकेदार, असुरचूला, सौरलेख की पहाड़ियों पर भी बर्फ गिरी है। ध्वज की पहाड़ी पर जमकर हिमपात हुआ है। जिला मुख्यालय में मंगलवार रात करीब आठ बजे से बुधवार सुबह छह बजे तक बारिश जारी रही। उसके बाद बारिश थम गई और दोपहर 12 बजे तक कोहरा छाया रहा। बाद में धूप आने से मौसम सुहावना हो गया।

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मुनस्यारी में रात से ही हिमपात होने लगा। सुबह तक नगर में करीब चार इंच बर्फ गिर गई। मुनस्यारी के पास बेटुलीधार, खलियाटॉप में जमकर बर्फ गिरी है। मुनस्यारी के निचले इलाकों नया बस्ती, डांडाधार में भी हिमपात हुआ है। मुनस्यारी में रात के समय ओले भी गिरे। धारचूला तहसील में नारायणआश्रम से आगे लिपुलेख तक कैलाश मानसरोवर पैदल यात्रा मार्ग बर्फ से पट गया है। गुंजी, कालापानी, नाभीढांग, बूंदी में जमकर बर्फ गिरी है।

इस समय कैलाश मानसरोवर पैदल यात्रा मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह बंद है। कुछ स्थानों पर बर्फ से पैदल रास्ते को नुकसान पहुंचने की सूचना है। हालांकि अब तक कोई टीम मौके पर नहीं जा पाई है। इस कारण क्षति का आकलन नहीं हो पाया है। मौसम विभाग के अनुसार बृहस्पतिवार से मौसम साफ रहेगा, लेकिन रात के समय पाला गिरेगा और सुबह, शाम ठंड का असर रहेगा। बारिश और बर्फबारी से इस समय पूरा जिला ठंड की चपेट में है। 
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खलियाटॉप में जमकर हुआ हिमपात
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। 3200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित खलियाटॉप में जमकर हिमपात हुआ है। खलियाटॉप में सभी हट्स बर्फ से ढक गए हैं। खलियाटॉप में करीब डेढ़ फुट बर्फ गिरी है। खलियाटॉप तक जाने वाला पैदल रास्ता बर्फ से दब गया है। अभी खलियाटॉप में पर्यटक नहीं है। रास्ता ठीक होने के बाद ही पर्यटकों की आवाजाही हो पाएगी। मोनाल संस्था के सचिव सुरेंद्र पंवार ने बताया कि अभी बर्फ स्कीइंग के लायक नहीं है। यदि जल्दी बर्फ गिरती है तो फिर स्कीइंग के लिए विचार किया जाएगा। 

थल-मुनस्यारी सड़क पर 16 घंटे यातायात बंद रहा
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। थल-मुनस्यारी सड़क पर कालामुनि में मंगलवार रात करीब 12 बजे यातायात बंद हो गया, जो बुधवार अपरान्ह चार बजे खोला जा सका। कालामुनि में भारी हिमपात के कारण वाहनों का संचालन संभव नहीं है। बुधवार को अपरान्ह चार बजे तक वाहनों की आवाजाही बंद रही। इसके बाद मार्ग पर पटी बर्फ को हटाकर यातायात बहाल किया गया। वहीं, मार्ग बंद होने से थल से मुनस्यारी जाने वाले वाहनों को डीडीहाट, जौलजीबी के रास्ते जाना पड़ा। मुनस्यारी से भी पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, हल्द्वानी को जाने वाले वाहन जौलजीबी के रास्ते ही निकल पाए। इसमें उन्हें करीब 60 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करना पड़ा।

कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़-23.4 एमएम
गंगोलीहाट-14.0 एमएम
बेड़ीनाग-9.7 एमएम
डीडीहाट-11.0 एमएम
धारचूला-26.0 एमएम
मुनस्यारी-13.0 एमएम

फसलों, सब्जियों के लिए बारिश बेहतर
पिथौरागढ़। बारिश से फसलों और सब्जियों को फायदा मिलेगा। अब तक इंतजार में रुके किसानों को यह बारिश काफी राहत दे गई है। सब्जियों के लिए तो बारिश काफी फायदेमंद है। अब किसान सब्जी के नए बीजों का रोपण कर सकते हैं और गेहूं, मसूर के खेतों में अब खाद डालने एवं निराई का काम किया जा सकता है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने कहा कि किसानों को नमी का लाभ उठाना चाहिए। इस समय नए सब्जी बीजों का रोपण किया जा सकता है।

खराब मौसम के दौरान बिजली गुल
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। मुनस्यारी की विद्युत सप्लाई मंगलवार रात आठ बजे से ठप है। कालामुनि के पास बिजली के तार टूटने और नाचनी से पास लाइन में खराबी आने के कारण यह व्यवधान पैदा हुआ। पूरे दिन बिजली सप्लाई ठप रहने से उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। विद्युत विभाग के अवर अभियंता बहादुर सिंह ने बताया कि लाइन कई जगह टूटने से मरम्मत में दिक्कत आ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बृहस्पतिवार से सप्लाई सामान्य हो जाएगी। वहीं, जिला मुख्यालय में घंटाकरण, खड़कोट, सेरा क्षेत्र में भी मंगलवार रात बिजली सप्लाई तीन घंटे तक बाधित रही।

सूखी ठंड वाली बीमारियों से मिलेगी निजात
पिथौरागढ़। सूखी ठंड और धूल से होने वाली बीमारियों से अब मुक्ति मिल जाएगी। सूखी ठंड के कारण सर्दी, जुकाम, खांसी की जो दिक्कत लोगों को हो रही थी, वह अब कम हो जाएगी। बारिश से धूल समाप्त हो गई है। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. नरेंद्र शर्मा ने बताया कि लोगों को सिर्फ ठंड से बचाव करना होगा। बारिश से अब काफी राहत मिल जाएगी।

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