मुख्यमंत्री हरीश रावत ने साल के पहले दिन पिथौरागढ़ को कई सौगातें दी। सीएम ने मुफ्त वाई-फाई सेवा का शुभारंभ किया तो पिथौरागढ़ में घोषित मेडिकल कॉलेज का काम इसी साल प्रारंभ कराने की घोषणा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने यहां पचास करोड़ से ज्यादा लागत की योजनाओं का शिलान्यास और शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री हरीश रावत शनिवार को कुछ देर के लिए चंपावत आएंगे। इस दौरान वे पूर्व फौजियों और सिविल पेंशनर्स से मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर असहयोग का आरोप लगाते हुए मार्च से अपने दम पर पिथौरागढ़ हवाई पट्टी से रेगुलर हवाई सेवा शुरू कराने का एलान किया। कहा कि इसी साल से पिथौरागढ़ में एयर बलून का शुभारंभ किया जाएगा। अर्ध कुंभ के लिए धन न देने पर भी केंद्र सरकार पर तंज कसे। मुख्यमंत्री ने बेस अस्पताल के काम में तेजी लाने के साथ ही रई और थरकोट में झील निर्माण कराने एवं नंदा राजजात की तर्ज पर पिथौरागढ़ के हिलजात्रा उत्सव को मनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने भविष्य की योजनाओं का खुलासा करते हुए कहा कि वर्ष 2017 में एनएच पर सराय बनाने की घोषणा की, जिन का संचालन केवल महिलाएं करेेंगी। यह भी कहा कि यदि 2017 में फिर से सरकार बनी तो चार विभागों में केवल लड़कियों की ही भर्ती होगी।
विधायक मयूख महर को सराहा
जिला पंचायत सभागार में मुफ्त वाई-फाई सेवा का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून और मसूरी में वाई-फाई के क्षेत्र में थोड़ा सा काम कर पाए हैं। जो काम सरकार नहीं कर पाई, वह काम पिथौरागढ़ के विधायक मयूख महर ने कर दिखाया। उन्होंने कहा कि उनके दिमाग में यह बात नहीं थी कि एक विधायक भी यह काम कर सकता है। महर ने औरों के लिए भी रास्ता खोल दिया है। वाई-फाई सेवा के लिए विधायक महर ने विधायक निधि से एक करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त की है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि जब राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी तो मयूख महर को राज्य योजना आयोग जैसा भारी भरकम पद दिया गया। उम्मीद थी कि वह राज्य के विकास के लिए योजना बनाएंगे लेकिन मयूख ने पद लेने से इनकार कर दिया। आज पिथौरागढ़ में विकास की बाढ़ देखकर समझ में आ रहा है कि मयूख का हठ सही था।