वन विकास निगम की ओर से यहां चलाए जा रहे माउंटेन ट्रेल बाइकिंग में शुक्रवार को युवाओं ने साइकिलों की मेंटेंनेंस के तरीके सीखे। फोर गियर वाली यह साइकिल पहाड़ों और संकरे रास्तों में चलाने में आसान तो होती है लेकिन इसकी सही तरीके से देखरेख न हो तो यह खराब भी हो जाती है। युवाओं को आठ जून को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए हेलीपैड से नंदादेवी मंदिर तक दो किलोमीटर का ट्रैक तैयार किया गया है। इसके बीच में घोरपट्टा और पापड़ी के वन पंचायत जंगल भी पड़ते हैं।
वन विकास निगम के अध्यक्ष हरीश धामी ने कहा कि इस समय वन निगम के पास प्रशिक्षण देने के लिए 24 साइकिल मौजूद हैं। उन्होंने जानकारी दी कि माउंटेन ट्रेल बाइकिंग का प्रस्ताव 2014 में तैयार किया गया। इसका बाद में अध्ययन और सर्वे हुआ। 2015 में चार विदेशियों समेत कई लोगों ने यहां बाइकिंग में हिस्सा लिया। इस बार बाइकिंग का सिर्फ प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण आठ जून तक चलेगा। 15 जून को प्रतिभागियों का टेस्ट होगा। उसी दिन प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे। माउंटेन ट्रेल पर साइकिल चलाने वालों का पंजीकरण भी कर दिया जाएगा। पंजीकरण में जो धनराशि मिलेगी वह वन पंचायतों को दी जाएगी। वन निगम का कहना है कि आने वाले समय में माउंटेन ट्रेल बाइकिंग स्थानीय युवाओं के रोजगार का प्रमुख साधन बन जाएगा। विदेशों में माउंटेन ट्रेल बाइकिंग का बड़ा क्रेज है।