थल-मुनस्यारी रोड पर रातीगाड़ में इस तरह चल रहे वाहन
- फोटो : अमर उजाला
रातीगाड़ के पास थल-मुनस्यारी सड़क की हालत बेहद खराब हो गई है। बुधवार को भी रातीगाड़ में मलबा आने से एक घंटे तक यातायात बाधित रहा। रातीगाड़ में इतना अधिक कीचड़ है कि इसमें वाहन फंस रहे हैं। लोगों को पैदल चलने में भी दिक्कत हो रही है। रातीगाड़ में पहाड़ी से लगातार मलबा गिर रहा है और नीचे नदी सड़क के किनारों को काटती जा रही है। हल्की बारिश में भी मलबा सड़क पर गिर रहा है। रातीगाड़ में नया खतरनाक क्षेत्र बनने से लोक निर्माण विभाग के लिए बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
लोक निर्माण विभाग ने इस समस्या को देखते हुए रातीगाड़ में स्थायी रूप से एक जेसीबी तैनात कर दी है। लोनिवि के अवर अभियंता योगेंद्र चौबे ने बताया कि बारिश थमने के बाद सड़क के सुधारीकरण का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस समय सड़क पर यातायात बनाए रखना प्राथमिकता में है। इधर, रातीगाड़ में वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वाहन फंसने और फिसलने का खतरा बना है। थल-मुनस्यारी सड़क पर वाहनों की आवाजाही बहुत अधिक रहती है। सड़क की खराब दशा से लोग खासे परेशान हैं। उधर, जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क पर भी घिंघरानी के पास मलबा गिरने का खतरा बना है। बुधवार को बारिश की रफ्तार बहुत कम रही। इस कारण सड़कों से मलबा हटाने का काम तेज हो गया।