बारिश के देवता मोस्टामानू मेले में श्रद्धालुुओं की भीड़ उमड़ी। इस दौरान मोष्टा देवता के जयकारे से वातावरण गुंजायमान हो गया।
मेले का शुभारंभ शुक्रवार को पेयजल मंत्री प्रकाश पंत ने सांस्कृतिक मंच पर दीप जलाकर किया। इससे पहले सुबह पुजारियों ने मंदिर में पूजा-अर्चना की। दोपहर 2.50 बजे गौड़ें गांव के प्राथमिक पाठशाला में तैयार किए गए डोले में मोस्टा देवता का डोला जयकारों के बीच उठा और मंदिर पहुंचाया गया। इसके साथ ही मां भगवती का डोला भी जयकारों के बीच मंदिर परिसर पहुंचा। इनके साथ अन्य देवता बालि, लाटा, पश्वा, अश्वेश्वर के भी डोले उठे। मोस्टा और भगवती के देवडांगर डोले में आए।
सभी देवडांगरों ने मंदिर की परिक्रमा की। मेला कमेटी के अध्यक्ष भगवान सिंह बिष्ट ने बताया कि छाना गांव में अशुद्धि के चलते इस बार वहां से डोला नहीं उठा। बाद में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। इस मौके पर जिला जज राजेंद्र जोशी, एसपी रामचंद्र राजगुरु, सीओ शेखर चंद्र सुयाल, वीरेंद्र बोहरा, गंगा बोरा, लक्ष्मी भट्ट, रमेश राम, राकेश देवलाल आदि थे।
युवाओं में दिखा पत्थर उठाने का क्रेज
पिथौरागढ़। मोस्टामानू मेले में मंदिर परिसर में रखे गए विशाल पत्थर का उठाने का क्रेज युवाओं में दिखा। मान्यता है कि जो इस पत्थर को उठा लेता है, मोष्टा देवता उसकी मनोकामना जरूर पूरी करते हैं। इसके चलते पत्थर उठाने के लिए युवाओं की भीड़ जुटी रही।
पहले काफी उमड़ती थी भीड़
मोस्टामानू मेले में पूर्व में काफी भीड़ उमड़ती थी। जब से मेला तीन दिन का हुआ तब से भीड़ कम उमड़ती है। इसके अलावा मिशन चंडाक से आगे दोपहिया और चौपहिया वाहनों का प्रवेश बंद होने के चलते मेले में आने वाले कई श्रद्धालु वापस हो गए। डोला उठने के बाद सभी को जल्दी होने लगी। इसके चलते सड़क पर जाम भी लग गया। जिसे खुलवाने में पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी।