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सीमांत के सात गांवों में शीघ्र बजेगी मोबाइल की घंटी

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धारचूला/मुनस्यारी(पिथौरागढ़)। केंद्र सरकार ने सीमांत धारचूला और मुनस्यारी के तीन गांवों में मोबाइल टॉवर लगाने की स्वीकृति दे दी है। धारचूला के सिर्खा, जिप्ति, दर, सोबला और मुनस्यारी के बोना, बिल्जू, मिलम गांवों में टॉवर लगाए जाएंगे। इन गांव के लोगों में खुशी की लहर है। स्थानीय लोगों ने जहां केंद्र और प्रदेश सरकार का आभार जताया वहीं क्षेत्र की संचार सेवा की समस्या उठाने के लिए अमर उजाला को शुक्रिया कहा है। मालूम हो कि अमर उजाला ने ‘संचार बिना सब बेकार’ अभियान चलाकर सीमांत के गांवों की संचार की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया था। इस बारे में स्थानीय सांसद से भी इस बातचीत की थी।
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केंद्र की ओर से टेंडर जारी होने और इसे हासिल करने के बाद रिलायंस जियो के अधिकारियों ने जिप्ति, दर और सिर्खा आदि गांवों में जमीन मालिकों के साथ एग्रीमेंट भी कर लिया है। इस समय सोबला गंव का सर्वे किया जा रहा है। टॉवर लगने से सीमांत क्षेत्र के लोगों को संचार सुविधा का लाभ मिलने लगेगा। अभी तक चीन और नेपाल सीमा से सटे इन गांवों में संचार सुविधा नहीं है और लोग नेपाली सिम का प्रयोग करते हैं। इससे राजस्व का जहां नुकसान होता है, वहीं देश की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ जाती है। सीमावर्ती गांवों में टॉवर लगने से लोगों को बेहतर बातचीत और इंटरनेट सेवा मिलने की उम्मीद है। ग्रामीणों के अलावा सुरक्षा बलों के जवानों और यहां आने वाले पर्यटकों को भी परिजनों से बातचीत की सुविधा मिलेगी। साथ ही किसी आपात स्थिति में मदद भी पहले की अपेक्षा जल्दी पहुंच जाएगी।
जिप्ति गांव के प्रधान धर्मेंद्र सिंह ने उनके गांव में मोबाइल टावर लगने की सूचना मिलने पर खुशी जाहिर की और बताया कि कुछ दिन पूर्व ही जिओ के अधिकारी उनके गांव में आए थे। उन्होंने बताया कि जमीन मालिक के साथ एग्रीमेंट भी हो चुका है। मोबाइल टावर लगने से अब लोगों को नेपाली नेटवर्क का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। सोबला निवासी और ब्लॉक महासचिव कांग्रेस नेता राम सिंह रोकाया ने कहा कि विधायक हरीश धामी ने पूर्व में 118 किलोमीटर की मदकोट से पिथौरागढ़ की पैदल यात्रा और दिल्ली जंतर मंतर में मोबाइल टावर को लेकर किए गए धरना प्रदर्शन के बाद ही केंद्र और राज्य सरकार ने सीमांत में संचार व्यवस्था पर ध्यान देना शुरू किया।
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गलाती रमतोली के ग्रामीणों में रोष
धारचूला। लंबे समय से संचार सुविधा की मांग कर रहे गलाती, रमतोली ग्राम सभा का नाम इस सूची में नहीं होने से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त हैं। ग्रामीण देबू बिष्ट और जमन कुमार ने कहा कि अब उग्र आंदोलन करने की जरूरत है। सभी जनप्रतिनिधियों को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा लोकतांत्रिक तरीके से मांग करने पर सरकार ग्रामीणों की मुश्किलें नहीं समझ रही है। युवक मंगल दल के अध्यक्ष प्रेम सिंह धामी ने कहा कि बार-बार सांसद और प्रदेश सरकार को ग्रामीणों को हो रही परेशानियों की जानकारी दी जाती रही है। ग्राम सभा की जनता के पास उग्र आंदोलन के सिवा अन्य कोई विकल्प शेष नहीं रह गया है।
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