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विधायक धामी ने दिए क्षेत्रीय पार्टियों से गठजोड़ के संकेत

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धारचूला के विधायक हरीश धामी ने देहरादून में कांग्रेस प्रदेश सचिव पद से त्यागपत्र दे दिया है। धामी ने क्षेत्रीय दलों के साथ तालमेल करने की बात कहकर एक कदम और आगे बढ़ाया है। धामी ने फरवरी में कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के लोगों के साथ विचार-विमर्श के बाद अगला फैसला लेने की बात कही है।
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विधायक धामी का एक टीवी चैनल को दिया गया साक्षात्कार सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है। साक्षात्कार में धामी क्षेत्रीय दलों से तालमेल करने की बात कह रहे हैं। कहा कि राष्ट्रीय पार्टियों में जमीन से उठे हुए कार्यकर्ताओं और प्रतिनिधियों का कोई स्थान नहीं है। इन पार्टियों में विरासत की राजनीति की कद्र की जाती है। 27 साल बाद वर्ष 2012 में उन्होंने धारचूला से कांग्रेस के
लिए सीट निकाली। 2014 की प्रचंड मोदी लहर में धारचूला विधानसभा सीट पर कांग्रेस आगे थी। हरीश रावत के लिए 2014 में विधायकी छोड़ी और वर्ष 2017 में एक बार फिर जीत हासिल की।
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कहा कि कांग्रेस में जानबूझकर उनकी उपेक्षा की जाती रही है। प्रदेश सचिव की लिस्ट में सबसे नीचे 98वें नंबर पर मेरा नाम लिखा गया है, जबकि उस लिस्ट में वह एकमात्र विधायक हैं। सचिव की लिस्ट में कोई पूर्व विधायक भी नहीं है। विधायक को 98वें नंबर पर आम कार्यकर्ता से भी नीचे रखा गया। ऐसा ही है तो क्यों न मैं निर्दलीय चुनाव लड़ूं या क्षेत्रीय दलों के साथ तालमेल करूं। धामी यह कहते दिखाई दे रहे हैं कि वह अलग दल बनाने की बात नहीं कर रहे हैं। हालांकि क्षेत्रीय दलों के साथ बातचीत से भी इनकार नहीं कर रहे।
हरीश रावत के राजनीतिक गुरु होने के सवाल पर धामी कहते हैं कि गुरु के पास बहुत चेले हैं। हरीश रावत ने जनप्रतिनिधि बनाने का काम किया है। पार्टी छोड़ने के बाद भी उन्हें गुरु ही मानता रहूंगा, लेकिन इस बात पर उनकी भी नहीं मानूंगा। धामी ने फोन पर हुई बातचीत में स्वीकार किया कि क्षेत्रीय दल उनसे संपर्क साध रहे हैं। उनका कहना था कि वह क्षेत्र के लोगों और कार्यकर्ताओं से विचार-विमर्श के बाद ही कोई फैसला लेंगे।
कार्यकर्ताओें में उबाल, माहरा, पाल का मामला भी उठाया
पिथौरागढ़। हरीश धामी प्रकरण में धारचूला विधान सभा क्षेत्र के कार्यकर्ता उनके साथ दिखाई दे रहे हैं। फेसबुक पर उनके समर्थन में तमाम पोस्ट जारी की गई हैं। कार्यकर्ता पूर्व मंत्री, पूर्व राज्यसभा सदस्य महेंद्र सिंह माहरा और पूर्व प्रदेश सचिव प्रदीप पाल को पद न देने का मामला भी उठा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश पर भी निशाना साध रहे हैं। इंदिरा हृदयेश ने सभी विधायकों और पूर्व विधायकों को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाने संबंधी बयान मीडिया को दिया था।
कार्यकर्ता सवाल उठा रहे हैं, कि ऐसा है तो पूर्व मंत्री का नाम विशेष आमंत्रित सदस्य में क्यों शामिल नहीं है। पूर्व विधायक प्रतिनिधि हीरा सिंह चिराल ने रविवार को फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि यदि कोई धारचूला विधानसभा सीट पर हरीश धामी के बगैर कांग्रेस का विधायक बना दे तो वह प्राण रहने तक उसके बर्तन साफ करेंगे, उसकी नौकरी करेंगे। एनएसयूआई के जिला उपाध्यक्ष विक्रम दानू ने लिखा है है कि मुनस्यारी, धारचूला के एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता इस्तीफा देंगे। फेसबुक में हिमांशु चुफाल, अजय अवस्थी, बृजेश कार्की, गोकर्ण गौरव जसवाल, अभिषेक भंडारी, आशु खैर, गणेश बसेड़ा, जगदीश बिष्ट, चंदन अधिकारी के साथ ही मुनस्यारी आईटी कांग्रेस ने तीखे सवाल किए हैं।
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