पिथौरागढ़। आखिरकार आंदोलन और एसआईटी जांच के बीच लापता चालक का शव मिला है। 26 दिन बाद लापता चालक का शव घटनास्थल से करीब 20 किलोमीटर दूर पीपली के तीतरी क्षेत्र में मिला है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही चालक की मौत के रहस्य से पर्दा उठाएगी।
दरअसल, बीते छह अक्तूबर को मुनस्यारी के पातों निवासी प्रदीप दरियाल पुत्र ललित सिंह दरियाल छह अक्तूबर को हल्द्वानी से अपनी स्कार्पियो में सवारी लेकर धारचूला गया। लौटते समय उसकी जीप जौलजीबी और धारचूला के बीच दुर्घटनाग्रस्त होकर खाई में गिर गई। जीप काली नदी किनारे मिली लेकिन चालक युवक को कोई पता नहीं चल सका। पुलिस और एसडीआरएफ ने उसकी काफी खोजबीन की लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। उसका पता न चलने पर पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे। बीते दिनों मुनस्यारी क्षेत्र के लोगों ने जुलूस निकालकर मामले की एसआईटी जांच की मांग की। बाकायदा मुनस्यारी पहुंचे सीएम ने भी बीते शुक्रवार एसआईटी गठन के निर्देश जारी किए। सीएम के निर्देश पर जब लापता चालक की गहनता से खोजबीन हुई तो शनिवार को उसका शव घटनास्थल से करीब 20 किलोमीटर दूर पीपली के तीतरी में मिला। सीओ धारचूला केएस रावत ने बताया कि शव सड़ चुका था। इसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चालक की मौत के मामले में कुछ कहा जा सकता है। वहीं चालक का शव घटनास्थल से इतनी दूर कैसे पहुंचा, उसकी मौत कैसे हुई इस रहस्य से अभी पर्दा उठना बाकी है। संवाद
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जीप नदी से 40 मीटर ऊपर मिली, चालक का शव कैसे पहुंचा तीतरी
घटना के बाद जब चालक की खोजबीन हुई तो दूसरे दिन उसकी जीप काली नदी से 40 मीटर ऊपर मिली। चालक घटनास्थल के आसपास नहीं मिला। 26 दिन बाद उसका शव तीतरी में मिला है। पुलिस ने पूर्व में यह बताया था कि चालक जीप से छिटककर 40 मीटर दूर काली नदी में नहीं पहुंच सकता है। अब काली नदी के किनारे ही घटनास्थल से 20 किलोमीटर दूर चालक का शव कैसे मिला यह सवाल सबको परेशान कर रहा है।