पिथौरागढ़ पुलिस ने नाबालिग के अपहरण के आरोप में वांछित पांच हजार रुपये के इनामी को चंपारण बिहार से गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले 16 साल से फरार चल रहा था। 18 अक्तूबर 2007 को अस्कोट निवासी एक व्यक्ति ने कोतवाली अस्कोट में चार लोग अनिल सिंह, लक्ष्मण सिंह, अजीत सिंह और मुक्ति नाथ के खिलाफ नाबालिग पुत्री के अपहरण की तहरीर दी थी। तहरीर के आधार पर धारा- 363/366/506 में केस दर्ज किया गया।
उस समय न्यायालय से जमानत मिलने के बाद चारों आरोपी फरार हो गए थे। न्यायालय ने चारों को फरार घोषित कर गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी किया था। एसपी लोकेश्वर सिंह ने मामले में नामजद मुख्य आरोपी अनिल सिंह की गिरफ्तारी के लिए 10 हजार और अन्य आरोपियों पर पांच-पांच हजार रुपये का इनाम रखा था। पुलिस टीम ने इस मामले में अजीत सिंह, लक्ष्मण सिंह और अनिल सिंह को पूर्व में ही गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में नामजद आरोपी मुक्ति नाथ वर्ष 2007 से फरार चल रहा था।
वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। कोतवाली डीडीहाट के एसआई बसंत कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने साइबर सेल की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद एक जून को मुक्ति नाथ (40) निवासी रसौनी थाना पहाड़पुर जिला पूर्वी चंपारण बिहार को पूर्वी चंपारण, बिहार से गिरफ्तार किया। पुलिस आरोपी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पूर्वी चंपारण मोतीहारी बिहार से चार दिन की ट्रांजिट रिमांड लेकर शनिवार को पिथौरागढ़ लाई। पुलिस आरोपी को न्यायालय में पेश करने की तैयारी कर रही है। एसपी लोकेश्वर सिंह ने पुलिस टीम की सराहना की है।\