भारत और नेपाल की सेनाओं के संयुक्त सैन्य अभ्यास के दौरान सेना के जवानों को हेलीकाप्टर से उतारा गया। यह तकनीक आपदा प्रबंधन और आतंकवाद से निपटने के समय काम में लाई जाती है। सैन्य अभ्यास के दौरान यही सबसे रोमांचक क्षण रहा, जब दोनों सेना के जवानों को हेलीकाप्टर से जमीन पर उतारा गया।
सूर्य किरण-9 नाम के इस संयुक्त सैन्य अभ्यास के दौरान मुख्य रूप से आतंकवाद और आपदा से निपटने की तकनीक बताई जा रही है।
सेना के अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर दोनों देशों की सेनाएं एकजुट होकर काम करने की क्षमता रखती है। इस तरह के साझा अभ्यास के दौरान एक दूसरे की सैन्य क्षमता को समझने का मौका मिलता है और तकनीक का आदान-प्रदान होता है। आठ फरवरी से शुरू हुए इस सैन्य अभ्यास का आयोजन मध्य कमान की पंचशूल ब्रिगेड ने किया है। 21 फरवरी को संयुक्त अभ्यास का समापन होगा। इस बीच दोनों देशों की सेनाओं के बीच वॉलीबाल और फुटबाल प्रतियोगिता भी कराई गई। फायरिंग प्रतियोगिता भी हुई। हर दिन का चार्ट पहले से तैयार कर लिया गया था। उसी के अनुसार दिनभर की गतिविधियों का संचालन हो रहा है। सेना के अधिकारी समय-समय पर अभ्यास का निरीक्षण कर रहे हैं।