संवाद न्यूज़ एजेंसी, पिथौरागढ़। कोविड-19 के कहर के बाद घर वापस लौट रहे प्रवासियों को खेती बाड़ी और जड़ी बूटी का उत्पादन करने के पहाड़ी क्षेत्रों में 25 लाख और मैदानी क्षेत्रों में 15 लाख रुपये तक का ऋण दिया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य बेरोजगार प्रवासियों को रोजगार उपलब्ध कराना है। वन पंचायत सलाहकार समिति के अध्यक्ष विरेंद्र बिष्ट ने बताया कि कोविड-19 के कहर के बाद बड़ी संख्या में लोग मैदानी क्षेत्रों से रोजगार खत्म होने के बाद उत्तराखंड की ओर रिवर्स पलायन कर रहे हैं। सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में आने वाले प्रवासियों को 25 लाख रुपये तक ऋण देगी। इसमें सरकार उनको 25 प्रतिशत सब्सिडी देगा। मैदानी क्षेत्रों में आने वाले प्रवासियों को 15 लाख रुपये तक का ऋण दिया जाएगा। इसमें उनको 15 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। इस धनराशि से प्रवासी जड़ी-बूटी, खेती बाड़ी, डेयरी उद्योग, बकरी पालन आदि रोजगार परक कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इसके लिए प्रत्येक जिले के डीएम को नियुक्त किया गया है। वो प्रवासियों को इस कार्य लिए देखेंगे।