धारचूला तहसील के गुंजी में बड़े हेलीपैड का निर्माण किया जाएगा, ताकि इसमें एमआई 17 हेलीकाप्टर आसानी से उतर सकें। जौलजीबी के पास जग्यूड़ाथल में भी बड़ा हेलीपैड बनाया जाएगा, ताकि आपदा के समय इसका उपयोग किया जा सके। डीएम सुशील कुमार ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से प्रदेश के लोनिवि सचिव अमित नेगी को यह जानकारी दी।
जिले में प्रथम चरण में मुनस्यारी, सोसा, तीजम, चौकोड़ी, गुंजी, जग्यूड़ाथल, बोगड्यार, मिलम, बूंदी, अस्कोट में हेलीपैड का निर्माण हो रहा है। इनमें से मुनस्यारी का हेलीपैड लगभग पूरा होने को है। यह भी कहा कि आपदा से प्रभावित इलाकों में हेलीपैड निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि आपदा के समय इनकी मदद ली जा सके, जिन स्थानों पर अस्थायी हेलीपैड हैं, उनको सुविधायुक्त बनाया जाएगा। बंगापानी और दारमा घाटी में भी हेलीपैड बनाने का सुझाव दिया गया। इसके लिए शासन से धन मंजूर कराने को कहा गया। डीएम ने कहा कि हेलीपैड बनने पर पर्यटन विकास को गति मिलेगी और आपदा के समय लोगों को राहत पहुंचाने में मदद मिलेगी। लोनिवि सचिव अमित नेगी ने कहा कि हेलीपैडों के निर्माण को गति दी जाए और कोशिश की जाए सभी हेलीपैड मानक के अनुसार बनें।