पिथौरागढ़। सीएम स्वरोजगार योजना के तहत ऋण लेने वाले युवक की 16 अगस्त 2023 में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में परिजनों ने अब जाकर पुलिस को तहरीर दी है। युवक के पिता ने आरोप लगाया है कि बैंक की ओर से किस्त जमा करने के लिए दबाव के चलते उनके बेटे ने आत्महत्या की थी। उन्होंने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।
अस्कोट के देवल गांव निवासी दानी राम ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि उनके पुत्र कैलाश कुमार ने जुलाई 2023 में सीएम स्वरोजगार योजना के तहत ग्रामीण बैंक टकाना में 10 लाख रुपये का ऋण लेने के लिए आवेदन किया। वह पेंटिंग की दुकान खोलकर रोजगार शुरू करना चाहता था। आरोप है कि बैंक प्रबंधक ने उसे पहले 10 लाख के सापेक्ष सिर्फ पांच लाख रुपये ऋण देने की बात कही। दोबारा दस्तावेज तैयार किए गए। तीन महीने बाद उसे सिर्फ दो लाख रुपये ऋण मिलने का हवाला दिया गया।
मजबूरन उसे तत्कालीन डीएम से शिकायत करनी पड़ी। तब जाकर बैंक ने उसे 1.90 लाख का ऋण दिया। युवक ने प्रिंटर, कंप्यूटर खरीदकर दुकान खोली। पिता ने आरोप लगाया कि डीएम से शिकायत करने पर भड़के बैंक की ओर से उसे परेशान किया जाने लगा। बैंक की किस्तें जमा करने के बाद भी उसे नोटिस जारी हुए और उसे जेल भेजने की धमकी दी गई। इसी बीच, 10 अगस्त 2023 को वह बिना बताए घर से चला गया और 16 अगस्त 2023 को उसका शव नगर के पास सुकौली के जंगल में मिला। आरोप है बैंक की प्रताड़ना से अवसाद में आकर उनके बेटे ने आत्मघाती कदम उठाया।
ग्रामीण बैंक के प्रबंधक विजय आर्या का कहना है कि बैंक प्रबंधन पर लगे सभी आरोप निराधार हैं। युवक को किस्त जमा न करने पर नोटिस भेजा था जो आम प्रक्रिया है। उस पर कोई दबाव नहीं बनाया गया था। बैंक ऋण लेकर किस्त जमा न करने वाले हर व्यक्ति को नोटिस जारी करता है।
एसपी रेखा यादव का कहना है कि मृतक के पिता की ओर से मामले की तहरीर मिली है। उससे वार्ता भी की गई। मामले में केस दर्ज कर जांच की जाएगी।