पिथौरागढ़। नगर के निजी अस्पतालों के आसपास से गुजर रहे हैं तो सावधानी बरतें। इन अस्पतालों से निकलने वाला मेडिकल वेस्ट (कचरा) आपको मुसीबत में डाल सकता है। अस्पताल, क्लीनिक, जांच लैब के पास मेडिकल वेस्ट के निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में कूड़ा नगर की सड़कों और नालियों में डाल रहे हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अस्पतालों से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण के लिए ठोस मानक तय कर रखे हैं। इन मानकों के अनुसार हर अस्पताल को अपने कूड़े के निस्तारण के लिए अपने परिसर में ही व्यवस्था करनी होगी। इसके लिए 10 फुट गहरा गड्ढा खोदा जाना चाहिए। इसमें कूड़ा डालने से पूर्व पूरे कूड़े की ब्लीचिंग की जानी अनिवार्य है ताकि इसमें खतरनाक रोग फैलाने के लिए जिम्मेदार कारक खत्म हो जाएं। पिथौरागढ़ में अधिकांश निजी चिकित्सालय इस मानक का पालन नहीं कर रहे हैं। अस्पतालों से निकलने वाला मेडिकल कूड़ा सीधे सड़कों या गलियों में फेंक दिया जा रहा है। इन अस्पतालों के आसपास सड़कों पर सिरिंज, ऑपरेशन में उपयोग की जाने वाली विभिन्न किट, खून से सनी रुई आदि फैली रहती है। रास्तों से गुजरने पर राहगीर फेंकी गई सुई आदि की चपेट में आ जाएं तो मुसीबत में आ सकते हैं।
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इनसेट कोट-
खुले में मेडिकल वेस्ट का निस्तारण करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। सार्वजनिक क्षेत्रों में गंदगी करने वालों का चालान किया जाएगा।
राजदेव जायसी, ईओ नगर पालिका पिथौरागढ़।
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इनसेट कोट-
नगर के सभी निजी अस्पतालों और लैब संचालकों को खुले में मेडिकल वेस्ट का निस्तारण नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर खुले में मेडिकल वेस्ट का निस्तारण किया जा रहा है तो कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. एचएस ह्यांकी, सीएमओ पिथौरागढ़।
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