पिथौरागढ़। इसी साल मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरी की पढ़ाई शुरू होगी। बीते दो वर्षों में मेडिकल कॉलेज को सिर्फ एक फैकल्टी मिली है। अब तक हुए आठ साक्षात्कारों में विशेषज्ञों ने फैकल्टी के रूप में यहां तैनाती लेने से हाथ पीछे खींचे हैं। ऐसे में यदि इस साल मेडिकल की पढ़ाई शुरू हुई तो छात्रों को पढ़ाएगा कौन, यह सवाल चर्चा का विषय बना है।
पिथौरागढ़ में चंडाक के मोस्टमानू में 760 करोड़ की लागत से मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है। मेडिकल कॉलेज में इस वर्ष मेडिकल की पढ़ाई शुरू होनी है। इसके लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग जल्द ही एनएमसी (नेशनल मेडिकल काउंसिल) में मान्यता के लिए आवेदन भी करेगा। मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू होते ही यहां मेडिकल का ज्ञान देकर कुशल डॉक्टर तैयार करने के लिए फैकल्टी की तैनाती के प्रयास शुरू हुए।
मेडिकल कॉलेज में 76 फैकल्टी की तैनाती होनी है। इनमें 16 प्रोफेसर, 24 एसोसिएट प्रोफेसर, 36 असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल हैं। कॉलेज प्रबंधन ने फैकल्टी की तैनाती के लिए दो सालों में आठ बार साक्षात्कार किए। तमाम प्रयासों के बाद भी हड्डी रोग विभाग के लिए सिर्फ एक असिस्टेंट प्रोफेसर की मिल सका है। मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई इसी वर्ष सितंबर महीने में शुरू होगी। अगले छह महीने में फैकल्टी की व्यवस्था कैसे होगी और मेडिकल छात्रों को कौन पढ़ाएगा, कॉलेज प्रबंधन की चिंता इसे लेकर बढ़ गई है।
फैकल्टी नहीं मिली तो मान्यता पर मंडराएगा खतरा
मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए एनएमसी (नेशनल मेडिकल काउंसिल) की मान्यता जरूरी है। मान्यता के लिए मेडिकल कॉलेज को आईएमसी के मानकों पर खरा उतरना होता है। अस्पताल, संसाधनों के साथ ही मान्यता के लिए मेडिकल कॉलेज में पर्याप्त फैकल्टी जरूरी है। पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी की तैनाती करना चुनौती बना है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज के लिए बगैर फैकल्टी के आईएमसी की मान्यता हासिल करना भी चुनौती होगा।
20 सामान्य चिकित्सकों की अनुबंध पर हुई है तैनाती
मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित बेस अस्पताल में फैकल्टी के रूप में महिला, बाल रोग सहित अन्य विशेषज्ञों की तैनाती होनी है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए यह काम चुनौती बना है। किसी तरह अनुबंध पर 20 सामान्य चिकित्सकों की तैनाती कर काम चलाया जा रहा है। विशेषज्ञ न होने से मरीजों को यहां बेहतर इलाज नहीं मिल रहा है और यहां का रुख करने से हाथ पीछे खींच रहे हैं।
कोट
मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी की तैनाती के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही मेडिकल कॉलेज को एनएमसी की मान्यता दिलाने के लिए आवेदन किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज का संचालन शुरू हुआ तो फैकल्टी भी यहां तैनाती लेने पहुंचेगी। - डॉ. एके सिंह, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, पिथौरागढ़