बृहस्पतिवार देर रात तेज हवा चली और भारी बर्फबारी के कारण लोगों की नींद उड़ गई। मोसम खराब होने से संचार और विद्युत आपूर्ति सबसे ज्यादा प्रभावित हुई। जमतड़ी गांव में बिजली गिरने से करीब 40 घरों में नुकसान हुआ। बर्फ गिरने से कुछ सड़कें भी बंद हुई हैं। शुक्रवार को आसमान साफ होने से लोगों ने राहत की सांस ली।
बृहस्पतिवार की रात मुनस्यारी में जमकर हिमपात हुआ। हंसलिंग, राजरंभा, पंचाचूली, नाग्निधुरा, छिपलाकेदार की चोटियां बर्फ से लकदक हो गई हैं। मुनस्यारी नगर में चार इंच, कालामुनि और बेटुलीधार में एक फुट तक बर्फ गिरी। रात 11 बजे तेज हवा चली और तेज बारिश हुई।
थल-मुनस्यारी सड़क पातलथौड़ से कालामुनि के बीच करीब 10 किमी क्षेत्र में बंद हो गई। नया बस्ती में एक पेड़ गिर गया जिसे शुक्रवार को हटाया गया । शुक्रवार को आसमान साफ हुआ और जेसीबी से बर्फ हटाई गई। लोक निर्माण विभाग के उपखंड अधिकारी शरद जिंदल ने बताया कि कालामुनि, पातलथौड़, बलांती बैंड में काफी अधिक बर्फ है। लोग मदकोट-जौलजीबी सड़क से जिला मुख्यालय और अन्य जगहों पर पहुंच रहे हैं।
जमतड़ी के प्रधान गोविंद भंडारी ने बताया कि रात करीब एक 12 बजे से एक बजे के बीच इलाके में कई बार बिजली गिरी। बिजली गिरने से गांव के लक्ष्मण सिंह, दीवान सिंह, भवान सिंह, दुर्गा सिंह, नरेंद्र सिंह, गोविंद सिंह आदि के फ्रिज, पंखे, टीवी फुंक गए। करीब 40 घरों में बिजली के बल्ब फ्यूज हो गए।
थल। रुईनाथल निवासी दीवान नाथ गोस्वामी के मकान की सुरक्षा दीवार गिर गई। सुरक्षा दीवार और आंगन क्षतिग्रस्त होने से मकान के लिए भी खतरा पैदा हो गया है। प्रभावित व्यक्ति ने पट्टी पटवारी पवन चौहान को मकान की सुरक्षा दीवार और आंगन क्षतिग्रस्त होने की सूचना दे दी है। ग्राम प्रधान होशियार सिंह ऐरी ने प्रभावित व्यक्ति को आपदा मद से दीवार निर्माण के लिए आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
अस्कोट। बिजली की आंख मिचोली रात भर जारी रही। बृहस्पतिवार दोपहर करीब एक बजे इलाके की बिजली गुल हो गई थी। शाम को 8 बजे बिजली आई। फिर रात 12 बजे बिजली गुल हो गई। लोगों ने रात अंधेरे में काटी। शुक्रवार सुबह 8 बजे बिजली बहाल हुई। ऊर्जा निगम के उपखंड अधिकारी गिरीश चंद्र पांडेय ने बताया कि अंधड़ से लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी।