शहर में दूषित पेयजल आपूर्ति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेसियों ने डीएम के जनता दरबार में जमकर हंगामा काटा। उन्होंने जनता दरबार में ही धरना देकर जिला प्रशासन से जिम्मेदार अधिकारियों को बर्खास्त करने और सीवर मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की। ऐसा न होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।
नगर में दूषित पेयजल आपूर्ति किए जाने के मामले को लेकर सोमवार को कांग्रेसी कलक्ट्रेट में आयोजित जनता दरबार में पहुंच गए। उन्होंने इस मामले को लेकर काफी हंगामा किया। जल संस्थान के अधिकारियों को गंदे पानी की आपूर्ति के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए इनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने गंदे पानी की आपूर्ति के बाद जल संस्थान की कार्यशैली को कठघरे में खड़ा किया। सरकार और प्रशासन पर भी समस्या को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।
उन्होंने हैरानी जताई कि दोषी अधिकारी अपने ही नमूनों की तथाकथित जांच के बाद आपूर्ति को क्लीन चिट दे रहे हैं। लेकिन सरकार और प्रशासन खामोश है। दूषित आपूर्ति को लेकर कांग्रेसियों की अधिकारियों से तीखी नोकझोंक भी हुई। इससे पहले कांग्रेसियों ने कलक्ट्रेट के सामने पेयजल आपूर्ति को लेकर प्रदर्शन किया। इसके बाद जनता दरबार में धरने से माहौल गरमा उठा। उन्होंने अधिकारियों को खूब खरी खोटी सुनाई। डीएम सी रविशंकर ने समझा-बुझाकर कांग्रेसियों को धरने से उठाया। इस दौरान जिलाध्यक्ष मुकेश पंत, नगर अध्यक्ष चंद्रशेखर महर, दीपक लुंठी, दीनू तिवारी, भुवन जोशी, पवन पाटनी, जगदीश बिष्ट, कुुंडर महर, मनोज ठकुराठी, हीरा सिंह, पंकज बिष्ट, विक्रम खड़ायत आदि थे।
मंत्री के आश्वासन पर उठाए सवाल
नगर में पेयजल समस्या को लेकर कांग्रेस ने पेयजल मंत्री के आश्वासन पर सवाल उठाया है। पार्टी ने मंत्री पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। कहा कि पेयजल मंत्री दो बार अपना वादा तोड़ चुके हैं। इस मामले में कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत का कहना है कि पेयजल मंत्री ने मार्च प्रथम सप्ताह में आंवलाघाट योजना से आपूर्ति का वादा किया था। लेकिन आपूर्ति नहीं हुई। इसके बाद मार्च माह के अंत तक आपूर्ति का वादा किया, लेकिन वो भी पूरा नहीं हो सका। उन्होंने आंवलाघाट योजना से आपूर्ति शुरू न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
जल संस्थान की क्लीन चिट पर जताया संदेह
पिथौरागढ़। नगरवासियों ने पेयजल नमूनों को लेकर जल संस्थान की क्लीन चिट पर संदेह जताया है। उन्होंने डीएम को पत्र देकर किसी स्वतंत्र एजेंसी में जल संस्थान के पेजजल नमूनों की जांच की मांग की है। नगरवासियों ने सोमवार को डीएम को पत्र सौंपकर दूषित पेयजल आपूर्ति के बाद जल संस्थान की क्लीन चिट को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने जल संस्थान के दावों से असहमति जताई। इसके साथ ही स्वतंत्र एजेंसी की प्रयोगशाला में जांच की मांग की। लोगों ने नमूनों की जांच के लिए एक नागरिक कमेटी बनाने और पंडा फार्म में प्रति सप्ताह सभी पेयजल जोनों से नमूनों की जांच की मांग की है। डीएम को पत्र सौंपने वालों में पालिका सभासद सुबोध बिष्ट, सामाजिक कार्यकर्ता मदनमोहन जोशी, भगवान रावत आदि थे। इस मामले में डीएम सी रविशंकर का कहना है कि नागरिकों की शंकाओं को देखते हुए दूसरी एजेंसी से नमूनों की जांच पर विचार किया जा रहा है।