पिथौरागढ़ में शहीद पुलिकर्मियों को याद करते अधिकारी और जवान
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शहीद दिवस पर पुलिस लाइन में बने शहीद स्मारक पर विभिन्न घटनाओं में शहीद हुए पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी गई। बताया गया कि एक सितंबर 2016 से 31 अगस्त 2017 तक पूरे देश में 370 पुलिसकर्मियों, केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों की शहादत हुई। इनमें उत्तराखंड के सात पुलिसकर्मी शामिल थे।
पुलिस क्षेत्राधिकारी शेखर सुयाल ने पुलिसकर्मियों को बताया कि 21 अक्तूबर 1959 को लद्दाख में सीआरपीएफ के जवानों पर चीनी सेना ने हमला कर दिया था। उस घटना में सीआरपीएफ के दस जवान शहीद हो गए। तब से हर साल पुलिस शहीद स्मृति दिवस मनाया जाता है।
उन्होंने पुलिसकर्मियों से अपील की कि वह संयम से काम लें और सतर्कता बरतें। पुलिस की ड्यूटी काफी कठिन होती है, फिर भी धैर्य और संयम बरतकर खतरों से निपटा जमा सकता है। इस दौरान राज्य रेडियो अधिकारी बसंत बल्लभ तिवारी, प्रतिसार निरीक्षक महेश चंद्र कांडपाल, यातायात प्रभारी दरबान सिंह, कोतवाली प्रभारी नंदाबल्लभ, एलआईयू प्रभारी जितेंद्र उप्रेती आदि पुलिसकर्मी शामिल थे।