गुंजी के ग्रामीण तीन किलोमीटर दूर ग्राम नपल्चु के प्राकृतिक स्रोत से पानी लाते हुए।
पिथौरागढ़। उच्च हिमालय क्षेत्रों में हुई बर्फबारी के बाद पेयजल स्रोत पूरी तरह जम गए हैं। इस कारण लोगों को परेशानी हो रही है। स्थानीय लोग और चीन-नेपाल सीमा में तैनात जवान बर्फ पिघलाकर पेयजल की आपूर्ति कर रहे हैं।
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के बाद व्यास वैली के गुंजी, कुटी, नाभीढांग और दारमा वैली के चौदास घाटी में पेयजल स्रोत जम गए हैं। गुंजी के लोग और सुरक्षा एजेंसियां कुटी यांगती नदी से पेयजल की आपूर्ति कर रहे हैं। बर्फबारी अधिक होने के कारण लोगों को नदी तक जाने में दिक्कतें हो रही हैं। किसी तरह लोग नदी तक पहुंच पा रहे हैं। मौसम खुलने के बाद लगातार पाला गिर रहा है जिस कारण उच्च हिमालयी क्षेत्रों में तापमान लगातार गिर रहा है। बीआरओ भी सड़क में गिरी बर्फ लगातार हटाने का कार्य कर रहा है। गुंजी ग्राम प्रधान सुरेश गुंज्याल का कहना है कि बर्फबारी के बाद स्रोत जमने से दिक्कतें हो रही हैं।
कालापानी गुंजी पेयजल योजना जमी
पिथौरागढ़। भारी बर्फबारी के बाद गुंजी-कालापानी योजना पूरी तरह जम गई है। लोगों का कहना है कि योजना को भूमिगत करना था। योजना भूमिगत नहीं होने से दिक्कतें हो रही हैं। डीएम रीना जोशी का कहना है कि सीमांत के गांवों के लिए वाइब्रेंट विलेज योजना में योजना बनाई जानी है। योजना बनने के बाद दिक्कतें नहीं झेलनी पड़ेगी। संवाद