पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ के लोगों ने पिथौरागढ़ से मैदानी क्षेत्र के लिए वॉल्वो बस चलाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सीमांत के लोगों को हवाई सेवा का लाभ तो नहीं मिल रहा है। बारहमासी सड़क बनने के बाद आरामदायक बस का संचालन कर लोगों को राहत दी जानी चाहिए।
लोगों का कहना है कि सीमांत जिले के लोग आखिर कब तक खटारा बस में सफर करते रहेंगे। यह बस भी चलते-चलते रास्ते में खराब हो जाती हैं। सीमांत जिले की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण लोगों को देहरादून और दिल्ली का थकावट भरा सफर 19 घंटे की यात्रा में सामान्य बस में करना पड़ता है। पिथौरागढ़ रोडवेज डिपो के पास 62 बस हैं, लेकिन इनमें से ज्यादातर बस बेहद खराब हालत में हैं। वर्कशॉप में जांच के बाद भी यह बस चलते-चलते बंद हो जाती हैं। गर्मी और जाड़ों में इन खटारा बस में बैठना लोगों के लिए बेहद मुश्किल होता है। बस आरामदायक होंगी तो लोगों को ठंड में ठिठुरन और गर्मी में उमस से परेशान नहीं होना पड़ेगा। रोडवेज को बारहमासी सड़क में वॉल्वो या डीलक्स बस का संचालन करना चाहिए।
पिथौरागढ़ से वॉल्वो बस का संचालन करना चाहिए। रोडवेज की बदहाल हो चुकी बस में लोगों के लिए सफर करना आसान नहीं होता है। बारिश में बस की छत टपकने या जाड़ों में सीसे टूटे होने से यात्रियों को ठिठुरना पड़ता है।
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पिथौरागढ़ रोडवेज डिपो की अधिकांश बस बेहद खस्ताहाल हो चुकी हैं। बारहमासी सड़क बनने के बाद आरामदायक वॉल्वो या डीलक्स बस का संचालन शुरू कर जनता को लाभ दिया जाना चाहिए।
05पीटीएच 13 पी- कैलाश चंद्र पुनेठा, अध्यक्ष, सोशल वेलफेयर सोसाइटी।