धारचूला में अंतर्राष्ट्रीय झूला पुल को बंद कराने जाते प्रदर्शनकारियों को रोकते एसएसबी और पुलिस के जवान।
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अधिसूचित क्षेत्र छियालेख में जौलजीबी को भी शामिल करने की मांग को लेकर धारचूला के अखिल भारतीय युवा संगठन और रं यूथ फोरम के सदस्यों ने भारत-नेपाल को जोड़ने वाले अंतरराष्ट्रीय झूला पुल को बंद करने का प्रयास किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की एसएसबी और पुलिस के अधिकारियों से भी तीखी नोंकझोंक हुई।
शुक्रवार को अखिल भारतीय युवा संगठन के अध्यक्ष वीरेंद्र नबियाल और रं यूथ फोरम अध्यक्ष पूरन ग्वाल के नेतृत्व में धारचूला बचाओ अभियान के तहत सीमांत के लोग सड़क पर उतर आए। इन्होंने गांधी चौक से मल्ली बाजार, घटधार, तहसील रोड से नेपाल रोड तक ढोल नगाड़ों के साथ जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय झूला की ओर रुख किया। सूचना मिलने पर सीओ विमल आचार्य, प्रभारी थानाध्यक्ष धीरज टम्टा एवं दस जवानों के साथ और एसएसबी के प्रभारी कमांडेंट अनूप रावत अपने 15 जवानों के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस और एसएसबी जवानों ने प्रदर्शनकारियों को झूला पुल की ओर बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और जवानों के बीच नोंकझोंक भी हुई। पुल में आवागमन भी कुछ देर बंद रहा। उपजिलाधिकारी राजकुमार पांडेय यहां पहुंचे।
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक बाहरी लोगों के आने से सीमांत में आने दिन अप्रिय घटनायें हो रही हैं। एसडीएम ने कहा कि यह मामला केंद्र सरकार के अधीन है। इस मामले में अपने स्तर पर प्रतिदिन जिलाधिकारी के माध्यम से जानकारी दी जा रही है। प्रदर्शन करने वालों में दिलिंग दारमा सेवा समिति अध्यक्ष पूरन सेलाल, अभाविप प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य संदीप बोरा, धौली गंगा टैक्सी यूनियन कोषाध्यक्ष किशोर वर्मा, रं यूथ फोरम अध्यक्ष पूरन ग्वाल, महासचिव राजेंद्र नबियाल, कांग्रेस जिला महिला अध्यक्ष नंदा बिष्ट आदि शामिल थे।